फोटो-12नरहटमासूम बच्चों तथा महिलाओं की बली चढ़ाने वाले कदापि पैगंबर साहब के अनुयायी नहीं हो सकते. बल्कि वे इसलाम के कुरूप चित्रण कर रहे हैं. उक्त बातें रविवार को प्रखंड अंतर्गत कोनीबर में इसलाम धर्म के प्रवर्तक पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के ऐतिहासिक एवं पवित्र केशम-ए -मुबारक के दर्शन के मौके पर समाजसेवी मसीह उद्दीन कहीं. उन्होंने कहा कि हजरत मोहम्मद का जीवन और उनके कृति समस्त मानव के लिए शास्वत रूप में अनुकरणीय है. उनकी भक्ति से ही मानव उनका जन्मोत्सव मना सकता है. नरहट के कोनबीर में पैगंबर साहब के सिर का पवित्र केस संरक्षित है. प्रत्येक वर्स उनके जन्मोत्सव पर इसका दर्शन कराया जाता है. कोनीबर के जमींनदार व स्वतंत्रता सेनानी काजी मोहम्मद हुसैन की माता लगभग सौ वर्ष पूर्व हज के लिए मक्का गई थीं तो उन्हंे पैगंबर साहब के साथ हजरत अली और हजरत इमाम हुसैन का पवित्र केस तोहफे में मिला था. मौके पर काजी मो सहज्जाद, मो तारीक अधिवक्ता सहित कई अन्य उपस्थित थे.
पैगंबर साहब के बताये रास्तों पर चलने का लिया संकल्प
फोटो-12नरहटमासूम बच्चों तथा महिलाओं की बली चढ़ाने वाले कदापि पैगंबर साहब के अनुयायी नहीं हो सकते. बल्कि वे इसलाम के कुरूप चित्रण कर रहे हैं. उक्त बातें रविवार को प्रखंड अंतर्गत कोनीबर में इसलाम धर्म के प्रवर्तक पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के ऐतिहासिक एवं पवित्र केशम-ए -मुबारक के दर्शन के मौके पर समाजसेवी मसीह उद्दीन […]
