नवादा (सदर) : वारिसलीगंज प्रखंड के राजापुर निवासी सुरेश प्रसाद सिंह ने आषाढ़ में ही धान के बिचड़े की बोआई कर बेहतर धान की उपज करने में थोड़ी भी लापरवाही नहीं की. हालांकि, फसल अनावृष्टि व अतिवृष्टि का भी शिकार हुआ. फिर भी संतोष के साथ जो भी उपज हुआ, इसके बाद वह किसी तरह धान की बिक्री के इंतजाम में लग गये.
उनकी भतीजी की शादी तय हो चुकी है. सारा इंतजाम इसी धान की बिक्री के बाद आने वाली राशि से होना है. कर्ज होने के बाद भी अगले वर्ष इसकी भरपाई इसी फसल से करने की सोच रखी है, लेकिन धान की खरीद में देर होना उनके मन को परेशान कर रहा है. इधर, सरकार के नुमाइंदे कछुए की गति से सिर्फ घोषणा कर लंबे समय से किसानों को बिक्री के लिए इंतजार करा रहे हैं. कभी बोनस दिये जाने की बात तो कभी 24 घंटे के भीतर भुगतान की बात करते हैं. लेकिन, खरीद केंद्रों पर इसके लिए फिलहाल कुछ दिखाई नहीं दे रहा है.
