सरकार के निर्णय के खिलाफ शहर में निकाला विरोध मार्च

नवादा : पिछले 12 दिनों से हड़ताल पर अड़े नगर पर्षद के सफाई कर्मचारियों ने मंगवालवार को सड़क पर उतर कर प्रतिरोध मार्च निकाला व प्रदर्शन किया. साथ ही सरकार विरोधी नारेबाजी भी की. सफाई कर्मियों ने राज्यव्यापी विरोध दिवस के तहत नगर पर्षद कार्यालय से विरोध मार्च निकाल कर मुख्यमंत्री व नगर विकास मंत्री […]

नवादा : पिछले 12 दिनों से हड़ताल पर अड़े नगर पर्षद के सफाई कर्मचारियों ने मंगवालवार को सड़क पर उतर कर प्रतिरोध मार्च निकाला व प्रदर्शन किया. साथ ही सरकार विरोधी नारेबाजी भी की. सफाई कर्मियों ने राज्यव्यापी विरोध दिवस के तहत नगर पर्षद कार्यालय से विरोध मार्च निकाल कर मुख्यमंत्री व नगर विकास मंत्री पुतला दहन किया. जिला स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के प्रभारी भोला राम के नेतृत्व में कर्मचारियों ने विरोध मार्च निकालकर शहर के मुख्य मार्गों का भ्रमण करते हुए प्रजातंत्र चौक पर पहुंचे.

यहां पुतला दहन के बाद नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया. सभा को संबोधित करते हुए महासंघ के प्रभारी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सफाई कर्मियों को भूखे मरने के लिए सड़क पर छोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि मंत्री नगर निकायों में कमीशनखोरी कर ठेकेदारों को लूटने की खुली छूट दे रखी है.
उन्होंने मुख्यमंत्री से भाजपा कोटे के सभी मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग करते हुए कहा कि 14 फरवरी को निकाय कर्मियों द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शन किया जायेगा.
उन्होंने अधिक से अधिक कर्मियों को प्रदर्शन में भाग लेने की अपील किया. मौके पर अरविंद दास, रामभज्जु दास, भाकपा माले के जिला सचिव नरेंद्र प्रसाद सिंह, सुदामा देवी, सिकंदर डोम, गुड्डु दास, बसंती देवी व कुंदन आदि शामिल थे.
अधिकारी नहीं तलाश रहे विकल्प
सफाई की आग में जूझ रहे शहरवासियों को इसके लिए नप ने अभी तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं किया है. इतना ही नहीं वार्ड पार्षद व चेयरमैन भी विभाग के सामने चुप्पी साधे बैठी है. जबकि पटना और गया में हड़ताल समझौता के आधार पर समाप्त करा दिया गया है.
परंतु नवादा नगर परिषद क्षेत्र में अभी तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा सकी है. फलतः पूरा शहर कचरे के ढेर में तब्दील हो चुका है. बताया जाता है कि इसके पूर्व नप कार्यपालक ने विद्युत विभाग के सफाई कर्मियों से काम लेने की बात कही थी, लेकिन अभी तक वह हवा हवाई ही साबित हुई है.
वैकल्पिक व्यवस्था पर होगी बात
शहर में गंदगी लोगों के लिए बड़ी परेशानी है, परंतु इसमें सरकार की क्या निर्णय है उससे अभी अवगत नहीं हैं. लेकिन नप के कार्यपालक से बातें की जायेगी कि आखिर क्यों सफाई कर्मियों की हड़ताल समाप्त नहीं हो पा रही है. यदि समाप्त नहीं हो रही है तो वैकल्पिक व्यवस्था क्या किया जा रहा है. इसको गंभीरता से लिया जायेगा.
वैभव चौधरी, प्रभारी डीएम सह डीडीसी, नवादा

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