25 हजार वोल्ट तार के नीचे से गुजर रहीं बसें, अनदेखी से कभी भी हो सकता है खतरा

नवादा नगर : आपके जान की कीमत क्या है? यह कभी अपनों से पूछ कर देंखे. आये दिन लोग अपनी जान को जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं. शादी व लगन के कारण ओवरलोडेड गाड़ियों को सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है. बसों की छतों पर बैठकर यात्रा करने में खतरा ही खतरा है. […]

नवादा नगर : आपके जान की कीमत क्या है? यह कभी अपनों से पूछ कर देंखे. आये दिन लोग अपनी जान को जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं. शादी व लगन के कारण ओवरलोडेड गाड़ियों को सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है.

बसों की छतों पर बैठकर यात्रा करने में खतरा ही खतरा है. रेलवे क्रॉसिंग को पार करते हुए 25 हजार वोल्ट के तार के नीचे से गुजरते समय हमेशा जान का खतरा बना रहता है. बस की छत पर बैठने के बाद तार की ऊंचाई महज कुछ इंच बच जाती है.
इस दौरान यदि गलती से भी किसी का हाथ या अन्य शरीर का अंग इस तार से छू जाता है तो बड़ी घटना हो सकती है. गया किऊल रेलखंड के विद्युतिकरण के बाद यह खतरा बढ़ा गया है. शहरी क्षेत्रों के अलावे अन्य क्रॉसिंग या अवैध रूप से बने मानव रहित क्रॉसिंगों पर भी आमलोगों को इसके लिए सहज होकर यात्रा करने की आवश्यकता है.
रेल प्रशासन के द्वारा सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा गया है. लेकिन, यदि कोई जानबूझ कर गलती करता है तो कोई क्या कर सकता है? बस की छत पर लोगों के होने से गलती होने की संभावना बनी रहती है. प्रशासन को इसके लिए कड़ाई के साथ कम से कम क्रॉसिंग पार करते समय सख्ती से नियमों के पालन कराने पर जोर देने की जरूरत है.
बोले अधिकारी
बसों की छत पर यात्रा करना बिल्कुल ही गलत है. रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय तार से छू जाने की संभावना हो सकती है. इसके लिए सुरक्षा ही सबसे बड़ा बचाव हो सकता है. प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा के उपाय बताये गये हैं.
आईडी चौधरी, स्टेशन प्रबंधक

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