ककोलत की सौंदर्य बढ़ाने को पर्यटन विभाग जुटा रहा जरूरी संसाधन

विशाल कुमार, नवादा : बिहार का कश्मीर कहे जाने वाले ककोलत के सौंदर्य को बढ़ावा देने के साथ आने वाले पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर पर्यटन विभाग की पहल शुरू हो गयी है. पर्यटन विभाग द्वारा भेजी गये एक्सप्रियंस जोन कंपनी के इंजीनियरों व विशेषज्ञों ने ककोलत के विभिन्न स्थानों से […]

विशाल कुमार, नवादा : बिहार का कश्मीर कहे जाने वाले ककोलत के सौंदर्य को बढ़ावा देने के साथ आने वाले पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर पर्यटन विभाग की पहल शुरू हो गयी है. पर्यटन विभाग द्वारा भेजी गये एक्सप्रियंस जोन कंपनी के इंजीनियरों व विशेषज्ञों ने ककोलत के विभिन्न स्थानों से 360 डिग्री एंगल से फोटो शूट किया. झरना स्थल के पास कराये जाने वाले निर्माण कार्य का स्वरूप किस प्रकार से होगा इसको ध्यान में रखकर पुरी कवायद की गयी है.

वी अार्गुमेंटेड योर इमैजिनेशन के ध्येय वाक्य के साथ काम करने वाली स्टार्टअप इंडिया की सॉफ्टवेयर कंपनी अार्गुमेंटेड एंड वर्चुअल रियलिटी सॉफ्टवेयर कंपनी के इंजीनियरों व सहायकों ने ककोलत क्षेत्र के विभिन्न एरिया को कवर किया.
सही आकलन में मिलेगी मदद : कंपनी के हेड अखौरी आनंद कुमार ने बताया कि पर्यटन विभाग को ककोलत की वास्तविक स्थिति उपलब्ध कराने का जिम्मा हमारी कंपनी को दिया गया है. स्थलीय निरीक्षण के दौरान यहां के चट्टानी एरिया में किस प्रकार से नये निर्माण को करते हुए पर्यटकों की सुविधा व पर्यावरण रक्षा दोनों का समन्वय बनाया जा सकता है. इस पर हमारा विशेष ध्यान है. पहाड़ी की चोटियों से भी पूरे झरना स्थल का 360 डिग्री को केंद्रित करते हुए तस्वीरें ली गयी है. इससे रियलिटी को समझने में हद तक मदद मिलेगी.
ककोलत के विकास को लेकर बनी है योजना
पर्यटन मंत्रालय की स्वीकृति के बाद ककोलत में 39 करोड़ के विकास योजनाओं को शुरू किया जाना है. पर्यटन मंत्रालय पुरी तरह से तैयारी करता दिख रहा है कि किस प्रकार के विकास कामों को यहां पर मूर्तरूप दिये जाने की सबसे अधिक आवश्यकता है. मुख्यमंत्री के आगमन के बाद सीएम ने ककोलत के विकास व विस्तार के लिए पर्यटन मंत्रालय को खाका तैयार करने को कहा है.
वन विभाग के द्वारा इसके लिए 12.3 एकड़ जमीन का अधिग्रहण पहले ही पुरा किया जा चुका है. वर्चुअल रियलिटी जानने के लिए मंत्रालय के द्वारा जो प्रयास किया जा रहा है उसका प्रमाणिक तथ्य ककोलत जलप्रपात कुंड के पास आकर इकट्ठा किया गया.
क्या कहते हैं कंपनी के अधिकारी
हमारी कंपनी आइआइटी बीएचयू, एमसीआइआइइ के साथ मिल कर काम कर रही है. पूरे एरिया का सही आकलन व वर्चुअल रियलिटी को समझने का प्रयास किया गया है. तैयार मेटेरियल को पर्यटन विभाग को भेजा जायेगा, जहां से आगे की योजना पर काम होना है.
अखौरी आनंद कुमार, फाउंडर, अार्गुमेंटेड एंड वर्चुअल रियलिटी सॉफ्टवेयर कंपनी
ककोलत के केयर टेकर करते दिखे मदद
ककोलत विकास परिषद संस्थान के द्वारा पुरे क्षेत्र में फिलहाल आने वाले पर्यटकों को विभिन्न प्रकार की सुविधाओं को मुहैया कराने का प्रयास होता है. एक्सप्रियंस जोन के इंजीनियरों को उनके काम करने में केयर टेकर यमुना पासवान सहित अन्य सहयोग करते दिखे.

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