माल की लोडिंग-अनलोडिंग कराना शहर के व्यापारियों के लिये बड़ी चुनौती

बाजार में फल सब्जी व अनाज के बड़े आढ़ती हैं बाजार समिति बना कर शहर को जाम से दिलायाी जा सकती है मुक्ति नवादा,नगर : मुख्य बाजार में फल, सब्जी व अनाज के छोटे व बड़े आढ़तिया दुकान होने से माल के लोडिंग व अनलोडिंग के साथ स्टोरेज की परेशानी होती है. मेन रोड में […]

बाजार में फल सब्जी व अनाज के बड़े आढ़ती हैं

बाजार समिति बना कर शहर को जाम से दिलायाी जा सकती है मुक्ति
नवादा,नगर : मुख्य बाजार में फल, सब्जी व अनाज के छोटे व बड़े आढ़तिया दुकान होने से माल के लोडिंग व अनलोडिंग के साथ स्टोरेज की परेशानी होती है. मेन रोड में फल व सब्जी की बड़ी मंडी है जबकि गोला रोड में अनाज की मंडी है जो अक्सर जाम व अन्य समस्याओं का कारण बनती है. प्रतिदिन दर्जनों ट्रकों से फल, सब्जियां व अनाज जिला मुख्यालय के बाजार में पहुंचती है. इसके लोडिंग, अनलोडिंग के अलावे स्टोरेज में भी बड़ी परेशानी होती है. फल व सब्जियों के लिए बाजार समिति नहीं होने के कारण माल के खरीद-बिक्री की भी समस्या होती है. फल के लिए मेन रोड में तथा सब्जियों के लिए सब्जी बाजार में देर शाम से रात भर बड़ी गाड़ियों का आना-जान लगा रहता है. बाजारों में इसके स्टोरेज के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है मजबूरी में महंगे किराये पर गोदाम के रूप में स्थान लेना पड़ता है.
बाजार समिति के गठन की जरूरत: शहर के बाहरी हिस्से में बाजार समिति का गठन करके फल व सब्जियों की थोक खरीद, बिक्री होनी चाहिए ताकि बाजार को जाम व अन्य परेशानियों से बचाया जा सके. बाजार समिति का स्वरूप स्पष्ट नहीं होने के कारण फल, सब्जी व गल्ला विक्रेताओं को भी मंडी के नियमानुसार लाभ नहीं मिल पाता है. वर्तमान समय में शहर में दर्जनों फल, सब्जियों व गल्ला के आढ़तियां है जिनके माध्यम से लोकल व बाहर से आनेवाले फलों, सब्जियों व खाद्यान्नों की थोक बिक्री किया जाता है. बाजार समिति का सबसे अधिक फायदा स्थानीय स्तर पर व्यापारियों को होगा.
जाम की होती है समस्या: शहर के अंदर फल, अनाज व सब्जियों की बड़ी मंडी होने से अक्सर जाम की समस्या होती है. सुबह या शाम में बड़ी या छोटी गाड़ियों के आने से स्थानीय व आस-पास के दुकानों के आगे गाड़ी लगानी पड़ती है इसके अलावे माल की ढ़ुलाई लगातार रिक्शा व छोटी गाड़ियों से लगातार होती रहती है जो जाम का कारण बनते हैं.
भवन का नहीं हुआ आवंटन: शहर में बाजार समिति के नाम पर गोला रोड में एक भवन बना लेकिन इसका आवंटन स्थानीय दुकानदारों को नहीं हो सका. फिलहाल यह भवन कृषि विभाग व अन्य सरकारी संस्थानों के कार्यालय के रूप में संचालित हो रहा है. शहर के बाहर एनएच पर यदि बाजार समिति बनायी जाती है तो सामान्य रूप से व्यापारियों को अधिक अधिक मिलेगा.
मंडी में एजेंटों की भूमिका महत्वपूर्ण
मंडी में माल की खरीद बिक्री के लिए थोक एजेंटों की भूमिका अहम है. सरकारी स्तर पर रजिस्टर्ड व गैर रजिस्टर्ड थोक विक्रेता बड़ी संख्या में खुद के माल या किसानों के द्वारा लाये गये माल की खरीद बिक्री करते हैं. पहले श्रेणी में वैसे एजेंट है जो खुद की पूंजी लगा कर माल लाते हैं और खुदरा व्यापारियों को माल बेचते है. जबकि दूसरे श्रेणी में वैसे एजेंट हैं जो किसानों के लाये उत्पादों की बिक्री करते हैं.
क्या कहते हैं आढ़ती
शहर के बाहर यदि बाजार समिति बनायी जाती है तो व्यापारियों को आसानी होगी. माल की लोडिंग, अनलोडिंग व स्टोरेज पर अधिक खर्च करना होता है.
वीरेंद्र कुमार, गल्ला व्यवसायी
क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में जानकारी प्राप्त करने के बाद प्रयास करते हैं. बाजार में जाम व अन्य परेशानियों से बाजार समिति बनने के बाद लाभ मिलेगा.
अनु कुमार, सदर एसडीओ

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