द्वितीय अपर जिला व सत्र न्यायाधीश ने सुनाया फैसला
नवादा कोर्ट़ : बुधवार को व्यवहार न्यायालय में द्वितीय अपर जिला व सत्र न्यायाधीश कौशलेंद्र कुमार सिंह ने हत्या के एक मामले में सुनवाई करते हुए अभियुक्तों को आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनायी. घटना अकबरपुर थानाक्षेत्र के हुड़राही गांव की है. घटना 21 नवंबर 2000 की है. इस केस के सूचक रामाशीष यादव हैं. बताया जाता है कि 21 नवंबर 2000 को इसी गांव के रामाशीष यादव अपनी भाभी रीता देवी के साथ अपने गांव के सरीका बांध से धान का बोझा ले कर लौट रहे थे, तभी रामचंद्र यादव एवं सुरेंद्र यादव सहित कुल 13 लोगों ने हरवे हथियार से लैस होकर दोनों को घेर लिया. गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया.
रामाशीष यादव की जान तो किसी तरह से बच गयी, पर उनकी भाभी रीता देवी की मौत गोली लगने से घटनास्थल पर ही हो गयी थी. इस घटना के लिए रामचंद्र यादव ने अकबरपुर थाने में कांड संख्या 136/ 2000 दर्ज कराया था. इसी केस में सुनवाई करते हुए न्यायालय ने रामचंद्र यादव को 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 5000 अर्थदंड, 307 भादवि में पांच साल की सजा एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड, 302/ 149 भादवि में आजीवन कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड, 148 भादवि में तीन साल सजा एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड, 27 आर्म्स एक्ट में पांच साल की सजा एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड तथा सुरेंद्र यादव को 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड, 307 /149 भादवि में पांच साल की सजा एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड, 302 /149 भादवि में आजीवन कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड, 148 भादवि में तीन साल की सजा एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी. सभी सजाएं साथ साथ चलेंगी. जुर्माना की राशि सूचक एवं मृतक के पति को दिये जाने का भी आदेश न्यायालय ने दिया है.
