नवादा : वित्तीय वर्ष समाप्त होने में मात्र चंद दिन ही बचे हैं. ऐसे में पान की खेती करने वाले किसानों को पान खेती के लिए आये करोड़ों रुपये बंदरबांट होने के आसार नजर आ रहे हैं. पकरीबरावां के डोला व छतरवार के पान किसानों को कृषि विभाग के आत्मा द्वारा लाभ मिलना था. जिसमें, खेती के लिए व आंधी तूफान में नष्ट हुए पान के फसलों पर अनुदान दिया जाना था. आठ माह पहले आत्मा को उक्त क्षेत्रों के लिए एक करोड़ 35 लाख रुपये आवंटन हुआ है.
परंतु, वित्तीय वर्ष 2013-14 समाप्त होने पर है और पान के किसानों को लाभ से वंचित रखा गया है. उक्त गांवों के किसानों ने बुधवार को पकरीबरावां में चुनावी सभा करने आये मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आवेदन भी दिया. किसानों ने बताया कि 26 मार्च तक एक भी किसानों का आवेदन नहीं लिया गया है व पान कृषकों ने आत्मा के परियोजना निदेशक अश्विनी कुमार राजनीति के तहत बिचौलियों के मदद से बंदरबांट कराने का आरोप लगाया. पान क्षेत्र विस्तार के लिए राष्ट्रीय बागबानी मिशन योजना के तहत लाभुकों को लाभ दिया जाना है.
पान कृषकों ने मुख्यमंत्री से पहले बिहार राज्य बागबानी मिशन, पटना के निदेशक को भी आवेदन देकर अनुदान राशि के लिए गुहार लगा चुके हैं. साथ ही आत्मा के अध्यक्ष डीएम को भी आवेदन दे चुके हैं. बावजूद किसानों को अनुदान नहीं मिली है. शिकायत करने वाले कृषकों में संजय चौरसिया, अखिलेश चौरसिया, राजेंद्र चौरसिया, विकास कुमार, चिंता देवी, नीलम देवी, बच्चू चौरसिया, सावित्री देवी, श्याम सुंदर चौरसिया, सुरेश चौरसिया, संजू देवी सहित सैकड़ों कृषकों ने हस्ताक्षर व अंगूठा लगा कर आवेदन दिया है.
बागबानी मिशन ने भेजा निर्देश
बिहार राज्य बागबानी मिशन पटना के निदेशक अजय यादव के बागबानी विशेष फसल योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष- 2013-14 के लिये निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अनुदान राशि वितरण को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया गया. जिसमें इस योजना के मार्ग दर्शिका में बागो के क्षेत्र विस्तार के आलोक में बताया गया है कि पान का क्षेत्र विस्तार कराया जा सकता है, जिसमें एक लाभुक कृषक न्यूनतम एक एकड़ व अधिवक्ता 4 हेक्टेयर तक लाभ प्राप्त कर सकता है. योजना का लाभ परिवार का कोई भी सदस्य प्राप्त कर सकता है. परंतु वह स्वयं पान का खेती करता हो. वैसे सभी व्यक्ति कृषक के श्रेणी में आते हैं जो स्वयं या पट्टा की जमीन पर पान की खेती करता है हो. ऐसे लोगों को अनुदान का लाभ दिया जाना है.
