Nalanda News: जर्जर भवन में डर के साए में पढ़ने को मजबूर बच्चे

Nalanda News: जखौर प्राथमिक विद्यालय की बदहाल स्थिति से अभिभावकों में चिंता .

Nalanda News: (मुकुल नाथ सिन्हा) बिंद प्रखंड के लोदीपुर पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय जखौर में छात्र भय और असुरक्षा के माहौल में शिक्षा ग्रहण करने को विवश हैं . विद्यालय भवन की हालत काफी जर्जर हो चुकी है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है . इसके बावजूद विद्यालय में नियमित रूप से बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है .अभिभावकों और शिक्षकों में हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है .

दो जर्जर कमरों के सहारे चल रही पढ़ाई .

विद्यालय में कुल 154 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं . इनमें प्रथम वर्ग में 28, द्वितीय में 22, तृतीय में 36, चतुर्थ में 37 तथा पंचम वर्ग में 21 छात्र शामिल हैं . विद्यालय में कुल चार कमरे हैं, लेकिन उनमें से दो कमरे पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं . ऐसे में मात्र दो कमरों में ही बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ विद्यालय कार्यालय का संचालन किया जा रहा है .

विद्यालय में सात शिक्षक कार्यरत हैं, जिन्हें सीमित संसाधनों और असुरक्षित माहौल में शिक्षण कार्य करना पड़ रहा है .

शौचालय और रसोईघर पहले ही हो चुके हैं क्षतिग्रस्त .

विद्यालय का शौचालय और मध्याह्न भोजन (एमडीएम) बनाने का रसोईघर पहले ही क्षतिग्रस्त होकर गिर चुका है . इसके बावजूद तीनों रसोइया जान जोखिम में डालकर बच्चों के लिए भोजन तैयार करती हैं . रसोइयों ने बताया कि रसोईघर की छत कभी भी गिर सकती है, जिससे बड़ी दुर्घटना हो सकती है .

बुधवार को एमडीएम परोसने के दौरान कमरे की छत का एक हिस्सा अचानक गिर पड़ा . हालांकि समय रहते बच्चों को वहां से हटा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया .

जर्जर छत के नीचे होती है प्रार्थना .

शिक्षिका रीता कुमारी ने बताया कि जगह की कमी के कारण क्षतिग्रस्त भवन के नीचे ही बच्चों को पढ़ाना पड़ता है . सुबह की प्रार्थना भी जर्जर छत के नीचे कराई जाती है . इससे छात्र, शिक्षक और रसोइया सभी हमेशा भय के माहौल में रहते हैं .

उन्होंने कहा कि विद्यालय में पर्याप्त कमरों की व्यवस्था नहीं होने के कारण मजबूरी में इसी स्थिति में पढ़ाई करानी पड़ रही है .

कई बार दी गई सूचना, नहीं हुई कार्रवाई .

विद्यालय प्रभारी नंदकिशोर प्रसाद ने बताया कि विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति की सूचना कई बार वरीय अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है .

स्थानीय लोगों ने अविलंब नए भवन निर्माण और जर्जर कमरों की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि बच्चों की पढ़ाई सुरक्षित माहौल में हो सके .

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लेखक के बारे में

Published by: Vivek Pandey

विवेक पाण्डेय टीवी चैनल के माध्यम से पिछले 7 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हूं . करियर की शुरुआत Network 10 National News Channel से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहा हूं. देश और राज्य की राजनीति, कृषि और शिक्षा में रुचि रखता हूं.

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