बिहारशरीफ से कंचन कुमार की रिपोर्ट
Biharsarif News : आगामी मानसून को देखते हुए नालंदा जिले में बाढ़ और कटाव से बचाव के लिए सुरक्षा कार्यों में तेजी लाई गई है. बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल ने पिछले वर्ष प्रभावित क्षेत्रों में अधिकांश कटाव निरोधक और तटबंध सुदृढ़ीकरण कार्य पूरे कर लिए हैं.
अस्थावां के अंदी, जिराईनपुरी, जैतीपुर और सदरपुर, रहुई के देकपुरा, हरनौत के पतसिया, मुस्तफापुर व कल्याण विगहा, गिरियक के भदाय-प्यारेपुर तथा बिंद के रसलपुर और मोहद्दीपुर में सुरक्षा कार्य संपन्न हो चुके हैं. करायपरसुराय, हिलसा और एकंगरसराय के कई कटाव प्रभावित स्थलों को भी जियो बैग व गैवियन संरचनाओं से सुरक्षित किया गया है. वहीं बेन, सिलाव, धुरी बिगहा और बेलदरिया बिगहा समेत कुछ क्षेत्रों में कार्य जारी है, जिसे मानसून से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
बरसात से पहले जिराईन नदी बांध की मरम्मत पूरी
अस्थावां प्रखंड के अंदी गांव के पास जिराईन नदी के बाएं बांध में हुए टूटान पर कटाव निरोधक कार्य पूरा कर लिया गया है. विभाग ने बांध को मजबूत बनाते हुए संवेदनशील हिस्सों को सुरक्षित किया है. इससे आसपास के गांवों को संभावित बाढ़ और कटाव के खतरे से राहत मिलने की उम्मीद है.
गिरियक प्रखंड के भदाय से प्यारेपुर तक सकरी नदी के बाएं बांध पर कटाव निरोधक कार्य पूरा हो गया है. बरसात के दौरान नदी के बढ़ते दबाव को देखते हुए यह कार्य कराया गया. इससे किसानों की फसल और ग्रामीण आबादी को सुरक्षा मिलेगी.
देकपुरा में पंचाने नदी तटबंध को मजबूत किया
रहुई प्रखंड के देकपुरा के पास पंचाने नदी के दाएं तटबंध पर कटाव निरोधक कार्य पूर्ण कर लिया गया है. नदी किनारे बसे गांवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बांध को सुदृढ़ किया गया है. विभाग द्वारा क्षेत्र की लगातार निगरानी भी की जा रही है.
हरनौत प्रखंड के पतसिया गांव के समीप पंचाने नदी के बाएं बांध पर एएफएस (एंटी फ्लड स्ट्रक्चर) का निर्माण पूरा हो गया है. यह संरचना नदी के कटाव और जल दबाव को नियंत्रित करने में सहायक होगी. विभाग ने इसे बाढ़ सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया है.
मुस्तफापुर और कल्याण विगहा में बने सुरक्षा ढांचे
हरनौत के मुस्तफापुर, भोजपुर जमींदारी बांध और कल्याण विगहा के पास तीन एएफएस का निर्माण पूरा हो चुका है. इन संरचनाओं से कटौतिया नदी और आसपास के तटबंधों की सुरक्षा मजबूत हुई है. मानसून से पहले कार्य पूरा होने पर स्थानीय लोगों ने राहत जताई है.
बेन और सिलाव में पैमार नदी पर कार्य जारी
बेन और सिलाव प्रखंड के सिद्धिबीघा तथा निरपुर-जलालपुर क्षेत्र में पैमार नदी के बाएं बांध पर एएफएस निर्माण कार्य प्रगति पर है. विभाग ने समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय किया है. इससे बाढ़ और कटाव के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी.
जिराईनपुरी में बांध पुनर्स्थापन कार्य संपन्न
अस्थावां प्रखंड के जिराईनपुरी गांव के पास जिराईन नदी के दाएं बांध का पुनर्स्थापन कार्य पूरा कर लिया गया है. कटाव से प्रभावित हिस्से को मजबूत बनाकर सुरक्षित किया गया है. प्रशासन ने इसे बाढ़ सुरक्षा के लिए अहम कदम बताया है.
कुल्टी हेडवर्क के पास कटाव निरोधक कार्य पूरा
अस्थावां के कुल्टी हेडवर्क के समीप जिराईन नदी के दाएं बांध पर कटाव निरोधक कार्य पूरा हो गया है. इससे बांध की मजबूती बढ़ी है और जल प्रवाह का दबाव झेलने की क्षमता में सुधार हुआ है. बरसात के दौरान क्षेत्र को बेहतर सुरक्षा मिलेगी.
रसलपुर में जमींदारी बांध की सुरक्षा बढ़ी
बिंद प्रखंड के रसलपुर गांव के पास जिराईन नदी के बाएं जमींदारी बांध पर कटाव निरोधक कार्य पूरा कर लिया गया है. कार्य के बाद बांध को अधिक सुरक्षित बनाया गया है. स्थानीय लोगों ने इससे बाढ़ के खतरे में कमी आने की उम्मीद जताई है.
अस्थावां प्रखंड के जैतीपुर गांव के पास कुम्भरी नदी के बाएं जमींदारी बांध का पुनर्स्थापन और एक एएफएस का निर्माण पूरा हो चुका है. इससे कटाव की आशंका कम होगी और तटबंध की सुरक्षा मजबूत होगी. विभाग ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की भी जांच की है.
सदरपुर में 450 मीटर लंबा कटाव निरोधक कार्य पूरा
अस्थावां के सदरपुर गांव के पास जिराईन नदी के दाएं जमींदारी बांध पर 450 मीटर लंबाई में कटाव निरोधक कार्य पूरा किया गया है. यह क्षेत्र पहले अत्यंत संवेदनशील माना जाता था. अब यहां बाढ़ और कटाव का खतरा काफी हद तक कम हो गया है.
बिंद प्रखंड के मोहद्दीपुर गांव के समीप कुम्भरी नदी के दाएं जमींदारी बांध पर ब्रिज क्लोजर सुरक्षा कार्य पूरा कर लिया गया है. इससे पुल और तटबंध दोनों की सुरक्षा मजबूत हुई है. विभागीय अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण कर कार्य पर संतोष जताया है.
करायपरसुराय में टूटान स्थलों की मरम्मत पूरी
मुर्गीयाचक, गुलरिया बिगहा और छितर बिगहा के पास लोकाईन नदी के कटाव प्रभावित स्थलों को सुरक्षित कर लिया गया है. मिट्टी भराई, जियो बैग और गैवियन संरचनाओं का उपयोग कर टूटान वाले हिस्सों को मजबूत बनाया गया है. विभाग ने सभी स्थलों को फिलहाल सुरक्षित घोषित किया है.
हिलसा के पेन्दापुर और करायपरसुराय के निरीयापर-वनभारा क्षेत्र में कटाव प्रभावित स्थानों पर सुरक्षात्मक कार्य पूरे कर लिए गए हैं. जियो बैग और गैवियन तकनीक के माध्यम से नदी कटाव को रोकने का प्रयास किया गया है. इससे आसपास के क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है.
एकंगरसराय में कई कटाव स्थल किए गए सुरक्षित
एकंगरसराय प्रखंड के घाना बिगहा, केशोपुर मिल्की और मिल्की खंधा क्षेत्रों में कटाव प्रभावित बांधों की मरम्मत पूरी कर ली गई है. टूटान स्थलों को भरकर सुरक्षा संरचनाएं स्थापित की गई हैं. विभाग ने इन क्षेत्रों को वर्तमान में सुरक्षित बताया है.
हिलसा के धुरी बिगहा तथा एकंगरसराय के बेलदरिया बिगहा, कोरथु और केशोपुर क्षेत्रों में कटाव निरोधक कार्य तेजी से चल रहा है. मिट्टी भराई, बल्ला पाइलिंग और जियो बैग के माध्यम से सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं. विभाग ने मानसून से पहले सभी कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है.
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