राजगीर ट्रेनिंग के दौरान सिपाही की मौत, हार्ट अटैक से गई जान, अस्पताल पहुंचने से पहले टूटा दम

Bihar Constable Death: राजगीर पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में ट्रेनिंग कर रहे सिपाही विकास कुमार की हार्ट अटैक से मौत हो गई. सीने में दर्द के बाद उन्हें नवादा लाया गया, जहां से पटना रेफर किया गया था. लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया.

Bihar Constable Death: राजगीर के पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण ले रहे एक जवान की अचानक मौत से माहौल गमगीन हो गया है. जानकारी के अनुसार, राजगीर स्थित प्रशिक्षण केंद्र में ट्रेनिंग कर रहे सिपाही विकास कुमार की हार्ट अटैक से जान चली गई. मृतक विकास कुमार गया जिले के बुनियादगंज थाना क्षेत्र के सोंधी गांव के रहने वाले थे. उनकी उम्र करीब 35 साल थी. उनका ससुराल नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र के बड़हर गांव में है.

परिजन ने क्या बताया

परिजनों के मुताबिक, प्रशिक्षण के दौरान उन्हें अचानक सीने में दर्द की शिकायत हुई. इसके बाद उन्हें राजगीर से नवादा लाया गया. यहां एक निजी डॉक्टर के पास ले जाने के दौरान उनकी हालत और बिगड़ गई और उन्हें दिल का दौरा पड़ा.

स्थिति गंभीर होने पर उन्हें तुरंत सदर अस्पताल नवादा ले जाया गया. डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखते हुए उन्हें पटना रेफर कर दिया. लेकिन पटना ले जाने के दौरान ही रास्ते में उनकी मौत हो गई.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

2011 में भर्ती हुए थे

घटना के बाद प्रशासन ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए नवादा सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया. इसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया. विकास कुमार लखीसराय जिला पुलिस बल में सिपाही के पद पर तैनात थे. वे साल 2011 में पुलिस सेवा में भर्ती हुए थे और इन दिनों राजगीर प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण ले रहे थे.

मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. उनकी पत्नी पूजा कुमारी, 8 साल का बेटा और 6 साल की बेटी अस्पताल पहुंचे. परिवार के अन्य सदस्य भी वहां पहुंचे और सभी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया.

मौके पर पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे और पूरे मामले पर नजर बनाए रखी गई. लखीसराय, नवादा, गया और नालंदा जिलों की पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराई.

इसे भी पढ़ें: पताही हवाई अड्डे पर एक-दो हफ्ते में शुरू होगा काम, छोटे विमानों से शुरू होगी सेवा, टेंडर फाइनल

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >