4.61 करोड़ से बनेगा चंडी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

अरुण कुमार, बिहारशरीफ/चंडी : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को पटना से सबसे पहले चंडी स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल में बने पॉली हाउस, वाक इन टनल, ओपेन एरिया में उगायी जा रही सब्जी की खेती का अवलोकन किया और अधिकारियों व विशेषज्ञों से पूरी जानकारी प्राप्त की. जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री […]

अरुण कुमार, बिहारशरीफ/चंडी : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को पटना से सबसे पहले चंडी स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल में बने पॉली हाउस, वाक इन टनल, ओपेन एरिया में उगायी जा रही सब्जी की खेती का अवलोकन किया और अधिकारियों व विशेषज्ञों से पूरी जानकारी प्राप्त की.
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे यहां आकर काफी खुशी हो रही है. सब्जी की खेती को बढ़ावा देने एवं कृषि उत्पादकता, फसलों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए 2015 में इजरायल के सहयोग से यहां सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल का निर्माण किया गया. इस सेंटर को आज पहली बार देख रहा हूं.
यहां काफी अच्छा काम हो रहा है और मैंने सुझाव दिया है कि पूरे सेंटर में जैविक खेती होनी चाहिए. इजरायल के सहयोग से बिहार में दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किये गये हैं. चंडी में जैविक सब्जी के लिए एवं वैशाली में थल के लिए सेंटर स्थापित किये गये हैं. उन्होंने कहा कि सोहसराय के सोहडीह गांव में किसानों ने आलू और फूलगोभी की खेती इतने बेहतर तरीके से की थी कि उसकी खबर अमेरिका तक पहुंच गयी.
उसे देखने के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता जोसेफ स्टिगलेट्स वहां आये थे. वहां के किसानों की बातें सुनकर वे काफी प्रभावित हुए थे. किसानों से प्रभावित होकर उन्होंने कहा था कि यहां के किसान वैज्ञानिकों से ज्यादा समझदार हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष नालंदा, वैशाली, पटना और समस्तीपुर में 30 डिसमिल जमीन पर जैविक तरीके से सब्जी उगाने के लिए छह हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गयी.
इसका विस्तार करते हुए अब गंगा नदी के दोनों किनारों के कुल नौ जिलों का चयन जैविक तरीके से सब्जी उगाने के लिए चयन किया गया है. किसानों को अब 30 डिसमिल जमीन पर मिलनेवाली प्रोत्साहन राशि को छह हजार रुपये से बढ़ाकर आठ हजार रुपये करने का निर्णय लिया गया है.
चंडी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल में 04 करोड़ 61 लाख की लागत से भवन एवं चहारदीवारी का निर्माण कराया जायेगा. किसानों एवं नूरसराय के हॉर्टिकल्चर महाविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों से हम आग्रह करेंगे कि वे चंडी आकर यहां के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल को देखे और समझें. कतरीसराय में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम देर संध्या तक जारी था.

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