यूपीएससी : पिता चाहते थे कोई ऐसा काम करूं, जिससे समाज का भला हो

यूपीएससी: मोहम्मदपुर मुबारक के शाहिद अद मोहिलसिन को 157वीं रैंक मिली

मुहम्मदपुर मुबारक के सैयद अदील मोहसिन को मिला 157वां रैंक फोटो – दीपक 20 उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर कुढ़नी के मुहम्मदपुर मुबारक के सैयद अदील मोहसिन ने चौथे प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा में 157वां रैंक हासिल किया है. इससे पहले तीन बार अदील ने मेंस की परीक्षा उत्तीर्ण की लेकिन इंटरव्यू में सफलता नहीं मिली, लेकिन अदील ने हिम्मत नहीं हारी और चौथे प्रयास में अपनी मंजिल पा ली. अदील की प्रारंभिक शिक्षा शहर के होली मिशन स्कूल में हुई थी. 11वीं और 12वीं की पढ़ाई जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से की. यहीं से उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री ली. अदील बताते हैं कि पिता शायर रजा मेहंदी का निधन स्कूली शिक्षा के दौरान वर्ष 2011 में हो गया था. वे हमेशा कहा करते थे कि बेटा बड़े होकर कोई ऐसा काम करना, जिससे समाज की भलाई हो. समाज की सेवा करने में कभी पीछे नहीं हटना. पिता की जब यह बात याद आती थी तो लगता था कि बीटेक करने से कहीं नौकरी तो मिल जायेगी, लेकिन पिता जो चाहते थे, वह पूरा नहीं होगा. इसलिये 2019 से यूपीएससी की तैयारी शुरू की दी. जामिया मिलिया के आरटीए कोचिंग ज्वाइन कर लिया. अदील बताते हैं कि रोज सात से आठ घंटे की पढ़ाई करते थे. जब परीक्षा नजदीक आती थी तो आठ से नौ घंटे तक पढ़ता था. मेरी मेहनत रंग लायी. अदील ने कहा, जो भी छात्र यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं, वे पूरे मन से तैयारी करें तो सफलता जरूरी मिलेगी. यदि सफलता नहीं मिलती है तो यूपीएससी की तैयारी बहुत कुछ सीखा देता है, जीवन-यापन के लिये नौकरी की परेशानी नहीं होती. चाचा असद रिजवी ने बताया कि भाई रजा मेहदी के निधन के बाद भी उनके तीनों बेटे ने कठिन मेहनत से अपनी मंजिल पायी.

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Published by: Prabhat khabar news desk

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