BRABU UG admission 2026:बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में स्नातक (सत्र 2026-30) की नामांकन प्रक्रिया ''मनपसंद कॉलेज'' की जिद के बीच उलझकर रह गई है. स्थिति यह है कि 1.52 लाख छात्र-छात्राओं के बंपर आवेदनों और तीन-तीन मेरिट लिस्ट जारी होने के बावजूद, 10 जुलाई तक एक लाख सीटों पर भी दाखिले का आंकड़ा नहीं पहुंच सका है. इसका मुख्य कारण यह है कि 45 हजार से ज्यादा छात्र जिनका नाम मेरिट लिस्ट में आया था, उन्होंने मनचाहा कॉलेज नहीं मिलने के कारण दाखिला ही नहीं लिया.
ऑनस्पॉट दाखिला नहीं, अगले सप्ताह जारी होगी चौथी मेरिट लिस्ट
सीटें खाली रहने के बाद विभिन्न कॉलेजों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से ऑनस्पॉट नामांकन (On-Spot Admission) की स्वीकृति मांगी थी. हालांकि, कुलपति ने प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाए रखने के लिए इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है. विश्वविद्यालय ने निर्णय लिया है कि किसी भी हाल में ऑनस्पॉट दाखिला नहीं होगा और शेष बची सीटों को भरने के लिए अगले सप्ताह चौथी मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी.
19 जुलाई तक खुला रहेगा पोर्टल, छात्रों को मिला सुधार का मौका
अध्यक्ष छात्र कल्याण प्रो. आलोक प्रताप सिंह ने कुलपति की मंजूरी के बाद आधिकारिक सूचना जारी कर दी है. इसके तहत आवेदन कर चुके छात्रों को अपना विवरण दुरुस्त करने का एक और मौका दिया गया है. 15 से 19 जुलाई के बीच दूसरी बार यूएमआईएस (UMIS) पोर्टल खोला गया है, जहां छात्र अपने व्यक्तिगत और शैक्षणिक विवरण में आवश्यक संशोधन कर सकेंगे.
एक कॉलेज चुनना अनिवार्य, तभी मेधा सूची में आएगा नाम
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस बार मेधा सूची के लिए एक सख्त शर्त जोड़ दी है:
- सुधार प्रक्रिया के दौरान छात्रों को अपने आवेदन में कम से कम एक कॉलेज का विकल्प हर हाल में देना होगा.
- इसी नए विकल्प और किए गए संशोधन के आधार पर ही चौथी मेधा सूची तैयार की जाएगी.
यह नई व्यवस्था उन हजारों वेटिंग लिस्ट वाले छात्रों के लिए एक कड़ा संदेश है, जिन्हें अब अपनी पसंद को वास्तविकता के साथ तालमेल बिठाकर कॉलेज का चयन करना होगा ताकि उनका नामांकन सुनिश्चित हो सके.
