Muzaffarpur: निजी स्कूलों की फीस वसूली पर पर्दा डालना पड़ा भारी, 6 DEO पर विभागीय जांच के आदेश

मुजफ्फरपुर में निजी स्कूलों की फीस वसूली पर कार्रवाई नहीं करने पर 6 जिला शिक्षा पदाधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं. इस फैसले से शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है. पढ़ें पूरी खबर…

Muzaffarpur: तिरहुत प्रमंडल में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर कार्रवाई नहीं करना जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को भारी पड़ गया है. प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने प्रमंडल के सभी छह जिलों के DEO के खिलाफ प्रपत्र ‘क’ गठित कर विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया है. इस सख्त कदम से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है.

फीस वसूली की जांच रिपोर्ट नहीं देने पर अधिकारियों पर गिरी गाज

दरअसल, निजी विद्यालयों में फीस वृद्धि और विभिन्न मदों में वसूली की शिकायतों को लेकर आयुक्त ने पहले ही सभी DEO को जांच का निर्देश दिया था. उन्हें वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए प्रवेश, पुनः नामांकन शुल्क, विकास शुल्क, मासिक फीस, किताब, पोशाक और परिवहन शुल्क की समीक्षा कर तीन दिनों में रिपोर्ट देने को कहा गया था. तय समय सीमा बीतने के बावजूद किसी भी जिले से रिपोर्ट नहीं मिली.

वरीय पदाधिकारी के आदेश की अवहेलना

आयुक्त ने इसे वरीय पदाधिकारी के आदेश की अवहेलना और कर्तव्य के प्रति लापरवाही माना है. उन्होंने कहा कि बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2019 का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि अभिभावकों का आर्थिक शोषण रोका जा सके.

आयुक्त ने क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, तिरहुत प्रमंडल को निर्देश दिया है कि सभी DEO के खिलाफ तत्काल प्रपत्र ‘क’ गठित कर अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

अभिभावकों को राहत की उम्मीद

इस कार्रवाई से उन अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो निजी स्कूलों की बढ़ती फीस और अन्य शुल्कों से परेशान हैं. प्रशासन ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात दोहराई है.

मुजफ्फरपुर से मुख्य संवाददाता, प्रभात कुमार की रिपोर्ट

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By Sarfaraz Ahmad

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