B.Ed News: बीएड की रिक्त सीटों पर एडमिशन के लिए होगी स्पेशल सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग, इतनी सीट अभी भी खाली

B.Ed News: स्टेट नोडल अधिकारी प्रो. अशोक कुमार मेहता ने बताया कि एडमिशन के लिए चौथे राउंड की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. बीआरए बिहार विश्वविद्यालय सहित राज्य के सभी यूनिवर्सिटी से संबद्ध 341 कॉलेजों में बीएड की 4469 रिक्त सीटें है.

मुजफ्फरपुर. बीएड की रिक्त सीटों पर एडमिशन के लिए स्पेशल सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग होगी. गाइड लाइन के तहत 21 से 28 सितंबर तक यह प्रक्रिया पूरी की जायेगी. नोडल केंद्र ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी की ओर से इसका सिड्यूल जारी कर दिया गया है. 20 सितंबर को नोडल यूनिवर्सिटी के पोर्टल पर कॉलेजों में रिक्त सीट अपलोड कर दिया जायेगा. बीआरए बिहार विश्वविद्यालय सहित राज्य के सभी यूनिवर्सिटी से संबद्ध 341 कॉलेजों में बीएड की 4469 रिक्त सीटें है. जिसस पर सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग से नामांकन होगा.

स्टेट नोडल अधिकारी क्या बोले

स्टेट नोडल अधिकारी प्रो. अशोक कुमार मेहता ने बताया कि एडमिशन के लिए चौथे राउंड की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. सीईटी-बीएड 2024 में सफल अभ्यर्थी रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, तो 23 व 22 सितंबर को पोर्टल पर जाकर कॉलेज सेलेक्ट करेंगे. 24 सितंबर को कॉलेज आवंटन करके पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा. इसके बाद 25 से 28 सितंबर तक ऑनलाइन फीस जमा करना है. यह राशि 3 हजार रुपए है, जो नॉन रिफंडेबल है. साथ ही आवंटित संस्थान में कागजात वेरिफिकेशन और एडमिशन कराने के लिए 25 से 28 सितंबर तक का ही समय तय किया गया है.

विवि के 57 कॉलेजों में 671 सीट रिक्त

सूबे के 341 बीएड कॉलेजों कुल 37 हजार 300 सीट है. तीन राउंड के एडमिशन में 88.02 फीसदी यानी 32 हजार 831 स्टूडेंट्स ने एडमिशन लिया है. पटना यूनिवर्सिटी के 58 कॉलेजों में सबसे अधिक 893 सीट बची है. कुल 6600 सीट निर्धारित है. वहीं बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के 57 कॉलेजों में 671 सीट बच गये है. यहां कुल 6150 सीट है. कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के एक कॉलेज में 100 सीट है. यहां 2 सीटों पर चौथे राउंड में एडमिशन होना है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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