तृतीया और चतुर्थी एक दिन होने से 26 को तीज और चौठचंद्र

तृतीया और चतुर्थी एक दिन होने से 26 को तीज और चौठचंद्र

उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया व चतुर्थी एक ही दिन होने के कारण इस वर्ष तीज, गणेश चतुर्थी और चौठचंद्र व्रत एक ही दिन 26 अगस्त को मनाया जायेगा. हरितालिक तीज हस्त नक्षत्र के संयोग में होगा. पं. प्रभात मिश्र ने बताया कि तीज करने वाली महिलाएं इस दिन व्रत रखेंगीं. यह व्रत अपने संतान और पति की लंबी आयु व सौभाग्य प्राप्ति के लिये किया जाता है. व्रत में महिलाएं अन्न, जल ग्रहण किये बिना व्रत रखेंगी. पुराणों के अनुसार इस व्रत को देवी पार्वती ने किया था, जिससे उन्हें भगवान शंकर की प्राप्ति हुई थी. इस दिन पूजन, अर्चन के साथ मां पार्वती की कथा भी सुनने का विधान है. धार्मिक मान्यता के मुताबिक हरितालिका तीज के दिन सुहागिन महिलाएं 16 शृंगार कर भगवान शंकर और माता पार्वती की विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना करती हैं. सनातन धर्म में हरितालिका तीज के व्रत का बड़ा अधिक महत्व माना जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार हरतालिका तीज का पर्व हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है.

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By Vinay Kumar

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