शहर के स्मार्ट बनने पर सवाल ! विकास की जिम्मेदारी वाले कलेक्ट्रेट कैंपस की ही सड़क जर्जर

शहर के स्मार्ट बनने पर सवाल ! विकास की जिम्मेदारी वाले कलेक्ट्रेट कैंपस की ही सड़क जर्जर

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

मुजफ्फरपुर शहर को स्मार्ट बनाने के लिए चल रहे प्रोजेक्ट अंतिम चरण में है. 983.24 करोड़ रुपये के कुल 19 प्रोजेक्ट की मंजूरी मिली. इसमें से एक दर्जन से अधिक प्रोजेक्ट पूरा हो गया है. सीवरेज, ड्रेनेज, सड़क, सिकंदरपुर स्टेडियम व मन के निर्माण व सौंदर्यीकरण के अलावा बस स्टैंड निर्माण से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम बाकी है, जिसे अगले छह महीने में पूरा कर दिया जायेगा. लेकिन, शहर व जिले के विकास की कार्य योजना जिस कलेक्ट्रेट कैंपस से बनती है, उसी कैंपस की सड़क की खस्ताहाल है. डीएम व एसएसपी ऑफिस के बीचों-बीच बनी सड़क, जो रजिस्ट्री, खनन, परिवहन एवं सूचना एवं जनसंपर्क ऑफिस को जोड़ती है. वह सड़क पूरी तरह टूट चुकी है. सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे नजर आते है. हल्की बारिश होती है, तब घुटने तक पानी जमा हो जाता है. नाला तक नहीं है. खनन ऑफिस के सामने तो बिना बारिश अभी भी गड्ढे के कारण पानी जमा है. ईंट रख किसी तरह पैदल आने-जाने वाले पानी पार करते हैं. जबकि, आसपास में पब्लिक डीलिंग से जुड़े कई सरकारी ऑफिस होने के कारण बड़ी संख्या में लोग रोज इस रास्ते से गुजरते हैं. लेकिन, सड़क की स्थिति को सुधारने को लेकर कोई कदम नहीं उठायी जा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >