प्रसाद हॉस्पीटल मुजफ्फरपुर: ब्रह्मपुरा स्थित चर्चित प्रसाद अस्पताल को 95 दिनों के लंबे अंतराल के बाद सोमवार को दोबारा खोल दिया गया है. अस्पताल प्रबंधन ने पहले ही दिन बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) का विधिवत संचालन शुरू करने के साथ-साथ इनडोर वार्ड में मरीजों को भर्ती भी करना शुरू कर दिया है. बीते जून महीने में हुए भीषण अग्निकांड के बाद सील किए गए इस अस्पताल के फिर से खुलने से स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
आधुनिक सुविधाओं के साथ व्यवस्था दुरुस्त करने का दावा
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार परिसर की चिकित्सीय व्यवस्थाओं और बुनियादी ढांचे को नए सिरे से दुरुस्त कर लिया गया है. प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के तहत अस्पताल में आवश्यक सुधार किए गए हैं:
- आईसीयू समेत विभिन्न वार्डों में सुरक्षा मानकों और वायरिंग की गहन जांच की गई है.
- आग से बचाव के लिए नए और आधुनिक अग्निशमन उपकरण स्थापित किए गए हैं.
- आपातकालीन निकास मार्गों को पूरी तरह अवरोध मुक्त और सुगम बनाया गया है.
- अस्पताल के आधिकारिक मोबाइल नंबर और वेबसाइट पर सेवाओं की बहाली की सूचना सार्वजनिक कर दी गई है.
4 जून को हुए भीषण हादसे में गई थी नौ मरीजों की जान
उल्लेखनीय है कि बीते 4 जून की सुबह प्रसाद अस्पताल के आईसीयू वार्ड में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग भड़क उठी थी. उस दौरान पूरे वार्ड में तेजी से फैले जहरीले धुएं की चपेट में आकर दम घुटने से 9 भर्ती मरीजों की दर्दनाक मौत हो गई थी. इस हृदयविदारक हादसे के बाद अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगे थे.
जांच के बाद प्रशासन ने अस्पताल को कर दिया था सील
हादसे के तुरंत बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम ने अस्पताल की पड़ताल की थी. जांच रिपोर्ट में फायर सेफ्टी और अनिवार्य सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे परिसर को सील कर दिया गया था. अब तीन महीने से अधिक समय बाद अस्पताल को फिर से संचालित किया गया है.
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