13 करोड़ से अधिक की 29 योजनाएं अटकीं, बोर्ड मीटिंग से गायब हुईं योजनाएं

Plans missing from board meetings

प्रभात पड़ताल :::

::: नगर विधायक ने खोला मोर्चा, कहा हर घर से जुड़ी है जलापूर्ति की योजना, काम होना जरूरी

::: ढाई से तीन महीने की कड़ी मशक्कत के बाद नगर निगम ने तैयार कराया है एस्टीमेट, पाइपलाइन विस्तार के साथ लगना है मिनी पंप

देवेश कुमार, मुजफ्फरपुर

शहर में गहराते पेयजल संकट के बीच जलापूर्ति से जुड़ी 29 महत्वपूर्ण योजनाएं अधर में लटक गयी हैं, जिससे पार्षदों में भारी आक्रोश हैं. 13 करोड़ रुपये से अधिक की इन योजनाओं का उद्देश्य शहर के 29 वार्डों के उन घरों तक पाइपलाइन का विस्तार करना है, जहां अब भी पानी की सप्लाई नहीं हो रही है. इन योजनाओं में मिनी पंप (सबमर्सिबल) लगाने का भी प्रावधान है. लगभग ढाई से तीन महीने की कड़ी मेहनत के बाद नगर निगम ने इन योजनाओं का एस्टीमेट तैयार किया है. सोमवार को हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक में इन योजनाओं को मंजूरी के लिए पेश किया जाना था, लेकिन हंगामे के बीच ये योजनाएं चर्चा के बिना ही खत्म हो गयी. उप मेयर डॉ मोनालिसा ने बताया कि उन्हें योजनाओं की पूरी जानकारी दी गयी थी, लेकिन चर्चा से पहले ही बैठक समाप्त हो गयी. उन्होंने शहरी क्षेत्र में जलापूर्ति की गंभीर समस्या को देखते हुए इन योजनाओं में ढिलाई न बरतने की बात कही है.

बॉक्स ::: टेंडर प्रक्रिया में देरी, इस साल राहत की उम्मीद कम

नगर निगम बोर्ड से स्वीकृति न मिलने तक इन योजनाओं के लिए टेंडर आमंत्रित नहीं किये जा सकते. यदि अगले महीने बोर्ड की बैठक होती भी है और तब जाकर इन योजनाओं को मंजूरी मिलती है, तो भी इस साल पानी के संकट से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद कम है. नगर निगम के गलियारों में जिस तरह की चर्चाएं हो रही है. इससे ऐसा लगता है कि फिलहाल ये योजनाएं अटक जायेगी.

बॉक्स ::: पार्षदों और विधायक ने जताई चिंता

योजनाओं के अटकने की खबर मिलते ही पार्षदों में आक्रोश बढ़ गया है. मंगलवार को विधायक विजेंद्र चौधरी नगर निगम कार्यालय पहुंचे और जलापूर्ति शाखा से योजनाओं की पूरी जानकारी ली. विधायक ने इन योजनाओं का पास न होना एक गंभीर मुद्दा बताया और महापौर व नगर आयुक्त को पत्र लिखकर निगम बोर्ड की विशेष बैठक बुलाने का आग्रह करने की बात कही. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी योजनाओं को स्वीकृति नहीं मिलती है, तो नगर निगम को पार्षदों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ेगा.

बॉक्स ::: इन वार्डों में होना है काम (लाख रुपये में)

शहर के 29 वार्डों में ये योजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनकी अनुमानित लागत इस प्रकार है:

वार्ड 07: 28.70

वार्ड 08: 42.50

वार्ड 09: 30.33

वार्ड 10: 15.33

वार्ड 16: 38.70

वार्ड 17: 39.58

वार्ड 18: 35.15

वार्ड 19: 35.39

वार्ड 21: 42.00

वार्ड 25: 31.97

वार्ड 26: 32.13

वार्ड 28: 88.24

वार्ड 29: 85.02

वार्ड 32: 57.03

वार्ड 33: 43.72

वार्ड 34: 35.45

वार्ड 35: 58.79

वार्ड 36: 39.62

वार्ड 37: 44.07

वार्ड 38: 40.29

वार्ड 39: 49.56

वार्ड 40: 22.93

वार्ड 41: 20.13

वार्ड 42: 14.17

वार्ड 43: 35.19

वार्ड 44: 38.47

वार्ड 45: 34.80

वार्ड 47: 99.81

वार्ड 48: 54.41

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लेखक के बारे में

By Devesh Kumar

I am working as a senior reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on nagar nigam political, social, and current topics.

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