मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर प्रखंड के मझुअर गांव में खराब बिजली व्यवस्था से ग्रामीण बीते कई महीनों से परेशान हैं. 13 जून 2026 को मझौलिया पंचायत में लगे सहयोग शिविर में भी मझुअर की खराब बिजली व्यवस्था को शिकायत की गयी थी. ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को लिखित आवेदन दिया था, लेकिन आरोप है कि शिकायत के बावजूद इसपर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. सहयोग शिविर में दिये गये आवेदन के अनुसार, गांव में जर्जर बिजली के तार और पोल को दुरुस्त कराने की मांग की गई थी.
कभी भी हो सकता है हादसा
आवेदन के अनुसार, मझौलिया पंचायत के मझुअर गांव के वार्ड नंबर 7 में बिजली का तार जर्जर स्थिति में है. कई जगह तार नीचे लटक रहे हैं, जिससे ग्रामीणों के बीच दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. जर्जर तार और बिजली पोल के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. खासकर घरों के आसपास से गुजर रहे बिजली तार लोगों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं.
जेई ने नहीं उठाया फोन
इस मामले को लेकर आज जब मीनापुर जेई (विद्युत विभाग) से फोन के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की गयी, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. इसके बाद मीनापुर क्षेत्र के लाइनमैन राज कुमार से इस मामले की स्थिति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, एस्टीमेट बना कर विभाग के हेडक्वार्टर को भेज दिया गया है. अभी तक एलॉटमेंट नहीं आया है. जब एलॉटमेंट आ जाएगा, सामान मिलेगा तब काम शुरू हो जाएगा.
फिर सहयोग शिविर का क्या फायदा?
बता दें, सरकार द्वारा लगाए जाने वाले 'सहयोग शिविर' या 'जनता दरबार' का प्राथमिक उद्देश्य जन-समस्याओं का त्वरित और समयबद्ध निष्पादन (Time-bound Resolution) करना होता है. 3 महीने तक आवेदन पर कोई कार्रवाई न होना इन शिविरों की उपयोगिता और दावों पर सवालिया निशान खड़ा करता है.
जान-माल के खतरे और सुरक्षा मानकों की अनदेखी
जर्जर बिजली का पोल केवल एक नागरिक सुविधा की कमी नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर सुरक्षा जोखिम है. मानसून या हवा-तूफान के मौसम में जर्जर पोल गिरने से किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है.
यह भी पढे़ं:
खबर का असर: स्टेशन पर ठप पड़ी हाई-मास्ट लाइटें हुईं चालू, 24 घंटे के भीतर एक्शन
