मुजफ्फरपुर से सुमित कुमार की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) में मंगलवार को ट्रॉली कर्मियों के भारी हंगामे और कार्य बहिष्कार के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई. अपनी मांगों को लेकर अड़े ट्रॉली कर्मियों ने मुख्य इमरजेंसी वार्ड के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया. इसके चलते अस्पताल की आपातकालीन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं और गंभीर मरीजों के परिजनों को मजबूरी में इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा .
नई टेंडर एजेंसी पर बहाली के नाम पर 20 हजार रुपये मांगने का आरोप
जानकारी के अनुसार, एसकेएमसीएच में ट्रॉली सेवा संचालित करने वाली पुरानी कंपनी को ब्लैकलिस्ट किए जाने के बाद हाल ही में एक नई एजेंसी को इसका टेंडर दिया गया है. वर्तमान में नई कंपनी द्वारा कर्मियों की बहाली प्रक्रिया चल रही है. इसी दौरान पुराने ट्रॉली कर्मियों ने बहाली के नाम पर अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया .
रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 20 हजार मांगने का आरोप
धरना दे रही ट्रॉली कर्मी शीला देवी ने बताया कि मंगलवार की सुबह उन्हें फोन कर अस्पताल परिसर में बुलाया गया था. वहां अमित तिवारी और रंजय नामक व्यक्तियों ने कथित रूप से कहा कि 20 हजार रुपये रजिस्ट्रेशन फीस जमा करने पर ही उन्हें नया आईडी कार्ड और ड्रेस उपलब्ध कराई जाएगी. कर्मियों ने आरोप लगाया कि पैसे नहीं देने पर पुराने कर्मियों को हटाकर नए लोगों की बहाली करने की धमकी दी जा रही है. कर्मियों का स्पष्ट कहना है कि उनके नियुक्ति पत्र या शपथ पत्र में किसी भी प्रकार की रजिस्ट्रेशन फीस का कोई जिक्र नहीं है, इसलिए यह मांग पूरी तरह अवैध है .
अधीक्षक के रवैये से फूटा गुस्सा, इमरजेंसी के सामने बैठे धरने पर
वहीं दूसरी ट्रॉली कर्मी माला देवी ने बताया कि जब वे इस अवैध वसूली की शिकायत लेकर अस्पताल प्रशासन और अधीक्षक के पास पहुंचे, तो उन्हें वहां से कोई राहत नहीं मिली. कर्मियों के अनुसार, अधीक्षक ने मामले से पल्ला झाड़ते हुए कह दिया कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है और कर्मियों को जहां शिकायत करनी है, वहां करें. अधिकारियों के इस उदासीन रवैये से नाराज होकर सभी ट्रॉली कर्मी एकजुट हो गए और इमरजेंसी वार्ड के सामने धरने पर बैठ गए .
उग्र आंदोलन की चेतावनी, मौके पर पहुंची मेडिकल थाने की पुलिस
प्रदर्शनकारी कर्मियों ने जिला प्रशासन, कमिश्नर और डीएम से मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जबरन नए लोगों को बहाल करने का प्रयास किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा.इधर, हंगामे के कारण अस्पताल परिसर में दिनभर तनाव का माहौल बना रहा. सूचना मिलते ही मेडिकल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई. समाचार लिखे जाने तक अस्पताल प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए इमरजेंसी सेवाओं को दोबारा सुचारु करने के प्रयास में लगा हुआ था, लेकिन कर्मियों का धरना जारी था
