मुजफ्फरपुर से ललितांशु की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: जिले के मॉडल विद्यालयों के संचालन, बुनियादी सुविधाओं और बच्चों के नामांकन की स्थिति को सुधारने के लिए बुधवार को शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है. सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ सुजीत कुमार दास की अध्यक्षता में आयोजित प्रधानाध्यापकों की अहम समीक्षा बैठक में नामांकन की बेहद धीमी रफ्तार पर गहरी नाराजगी जताई गई. बैठक में कई प्राचार्यों ने तर्क दिया कि स्कूलों की घर से दूरी अधिक होने के कारण अभिभावक बच्चों का दाखिला कराने में कम रुचि ले रहे हैं. हालांकि, विभाग ने इस दलील को खारिज करते हुए सभी प्रधानाध्यापकों को २९ मई तक का अंतिम अल्टीमेटम दिया है.
इन मुख्य बिंदुओं पर मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट और फोटोग्राफ
डीपीओ ने सभी स्कूल प्रधानाध्यापकों को सख्त निर्देश दिया है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने विद्यालय की अद्यतन सुविधाओं और डिजिटल डेटा से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट जिला कार्यालय को हर हाल में सौंप दें. इसके तहत प्रयोगशाला, पुस्तकालय, छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय, पेयजल, सेनेटरी पैड और वेटिंग मशीन की वर्तमान स्थिति की जानकारी मांगी गई है. इसके अलावा, क्लासरूम में पढ़ाई और स्कूल के मुख्य द्वार की फोटो, इंटरनेट की स्पीड, सेक्शनवार छात्र-छात्राओं का विवरण और मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा पास करने वाले बच्चों की संख्या की रिपोर्ट भी अनिवार्य रूप से देनी है.
पारदर्शी व्यवस्था के लिए प्राचार्यों का भी मांगा गया डेटा
शिक्षा विभाग ने व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता लाने के लिए सभी स्कूल प्रभारियों और नियमित प्रधानाध्यापकों से उनकी अपनी शैक्षणिक योग्यता तथा पदस्थापना के वर्ष की पूरी जानकारी मांगी है. डीपीओ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि रिपोर्ट जमा करने में किसी भी स्तर पर कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समय के बाद कार्रवाई की जाएगी.
