मुजफ्फरपुर से कुमार दीपू की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: शहर के नवनिर्मित मॉडल अस्पताल में मंगलवार को हुई पहली ही बरसात ने प्रशासनिक दावों और भवन निर्माण की गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी. अस्पताल के मुख्य ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में घुटने तक पानी भर गया, जिसके कारण डॉक्टरों को मरीजों के ऑपरेशन आनन-फानन में रोकने पड़े. हैरानी की बात यह है कि २९ करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बने इस भव्य मॉडल अस्पताल का उद्घाटन १४ मई २०२५ को बड़े जोर-शोर से किया गया था. महज एक साल के भीतर सामान्य बारिश में ही पूरा ओटी जलमग्न हो गया.
अफरा-तफरी के बीच कराया गया पानी बाहर, मरीज हुए परेशान
ओटी के भीतर पानी भरने से अस्पताल परिसर में अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया. संक्रमण के फैलाव और बिजली के शॉर्ट सर्किट की गंभीर आशंका को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत सभी सर्जरी रोक दीं. इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने आनन-फानन में सफाई कर्मियों की टीम को काम पर लगाया. कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद बाल्टियों और वाइपर के सहारे ओटी से पानी बाहर निकाला. इस घोर अव्यवस्था के कारण दूर-दराज से आए मरीजों और उनके परिजनों को भारी मानसिक व शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ी.
अस्पताल प्रबंधक ने बीएमआइसीएल को लिखा पत्र
अस्पताल के प्रबंधक प्रवीण कुमार ने इस ड्रेनेज फेलियर को एक गंभीर तकनीकी खामी माना है. उन्होंने बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMICIAL) को तुरंत एक आधिकारिक पत्र लिखकर पूरी स्थिति से अवगत कराया है. प्रबंधक ने कहा कि महज एक साल पुराने भवन में इस तरह का जलभराव होना निर्माण की गुणवत्ता पर बड़े सवाल उठाता है. पत्र में ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने और छत की अविलंब मरम्मत कराने की मांग की गई है.
