Muzaffarpur News: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के अंगीभूत एवं संबद्ध कॉलेजों में अब राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) से स्वयंसेवकों को जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह बदलने जा रही है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी कॉलेजों में इस प्रक्रिया में एकरूपता लाने के लिए नया और कड़ा निर्देश जारी किया है. इसके तहत अब स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) में नामांकन के समय ही छात्रों को एनएसएस से जोड़ने की प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
नामांकन के समय ही मिलेगा फॉर्म, कार्यक्रम पदाधिकारी के पास करना होगा जमा
विश्वविद्यालय द्वारा जारी नई गाइडलाइन के अनुसार, कॉलेजों में एडमिशन लेने के दौरान ही इच्छुक विद्यार्थियों को एनएसएस का आवेदन फॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा. छात्र इस फॉर्म को भरकर अपने कॉलेज के संबंधित कार्यक्रम पदाधिकारी के पास जमा करेंगे. इस नई व्यवस्था से छात्रों को कॉलेज में कदम रखते ही सामाजिक और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने का सीधा मौका मिलेगा.
रुचि और कुशलता के आधार पर होगा चयन, सॉफ्ट कॉपी में सुरक्षित रहेगा पूरा ब्यौरा
स्वयंसेवकों का अंतिम चयन उनके सामाजिक कार्यों में रुचि, सेवा भावना और सांस्कृतिक गतिविधियों में कुशलता के आधार पर किया जाएगा. चयनित छात्रों का पूरा विवरण और ब्यौरा कॉलेज स्तर पर एक विशेष रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा. इसके साथ ही इस डेटा को सॉफ्ट कॉपी (डिजिटल फॉर्मेट) में भी सुरक्षित रखा जाएगा, जिसे बाद में अंतिम समीक्षा और रिकॉर्ड के लिए विश्वविद्यालय को भेजा जाएगा.
मुजफ्फरपुर से ललितांशु की रिपोर्ट
