Muzaffarpur News: कोरोना महामारी के बाद अब उससे भी कहीं अधिक खतरनाक माने जाने वाले इबोला वायरस की एंट्री की आशंका ने स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा दिया है. खतरे की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सूबे के सभी सिविल सर्जनों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही विदेश से आने वाले यात्रियों की कड़ी स्क्रीनिंग और विशेष रूप से पटना, गया और दरभंगा एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ाने को कहा गया है.
सदर अस्पताल और एसकेएमसीएच में बनेंगे विशेष वार्ड, डॉक्टरों की टीम गठित
मुजफ्फरपुर के सिविल सर्जन डॉ सुधीर कुमार ने सदर अस्पताल में एक विशेष वार्ड बनाने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही चार चिकित्सकों की एक टीम गठित की गई है, जो स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रखेगी. स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशानुसार किसी भी संदिग्ध मरीज के मिलने पर उसका सैंपल जांच के लिए आईसीएमआर की पुणे लैब भेजा जाएगा. उधर, एसकेएमसीएच के अधीक्षक डॉ महेश प्रसाद ने बताया कि अस्पताल में 4 बेड का क्वारंटीन सेंटर बनकर तैयार है और जल्द ही एक नोडल अफसर भी नियुक्त किया जाएगा.
नेपाल सीमा पर विशेष चौकसी और हर जिले में 10 बेड का क्वारंटीन सेंटर
राज्य सरकार के आदेशानुसार सूबे के सभी जिलों में कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों के भीतर 10 बेड का विशेष क्वारंटीन सेंटर बनाया जा रहा है. वायरस के प्रसार को रोकने के लिए नेपाल सीमा से सटे जिलों जैसे पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, अररिया, सुपौल और किशनगंज में विशेष चौकसी बरतने के आदेश दिए गए हैं. आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया जा रहा है और स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा.
मुजफ्फरपुर से कुमार दीपू की रिपोर्ट
