मुजफ्फरपुर से कुमार दीपू की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार यानी एईएस से पीड़ित बच्चों के इलाज को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. अब बच्चों को रेफर करने से पहले डॉक्टरों को इलाज से जुड़ी पूरी मेडिकल हिस्ट्री पर्ची पर लिखना अनिवार्य कर दिया गया है. विभाग का मानना है कि इससे इलाज में पारदर्शिता आएगी और गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सकेगा.
रेफर करने से पहले भरनी होगी पूरी जानकारी
नए निर्देश के अनुसार, अगर किसी बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसे दूसरे अस्पताल या हायर सेंटर भेजा जाता है, तो रेफरल पर्ची पर इलाज से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां दर्ज करनी होंगी. इसमें बच्चे का शुरुआती ब्लड शुगर लेवल, दिए गए इंजेक्शन और दवाइयों की जानकारी शामिल रहेगी.
तापमान और इलाज का रिकॉर्ड भी जरूरी
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि भर्ती के समय बच्चे का तापमान कितना था और इलाज के दौरान उसमें क्या बदलाव आया, इसकी जानकारी भी डॉक्टरों को लिखनी होगी. इससे अगले अस्पताल के डॉक्टरों को मरीज की स्थिति समझने में आसानी होगी.
इलाज में देरी रोकने की तैयारी
अक्सर देखा जाता है कि मरीज की पुरानी मेडिकल हिस्ट्री साफ नहीं होने के कारण इलाज शुरू करने में समय लग जाता है. विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से बच्चों का इलाज बिना देरी के शुरू किया जा सकेगा और डॉक्टरों की जवाबदेही भी तय होगी.
लापरवाही पर भी रहेगी नजर
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य केवल इलाज बेहतर करना नहीं, बल्कि चिकित्सकीय लापरवाही पर भी रोक लगाना है. अधिकारियों का मानना है कि पूरी जानकारी दर्ज होने से इलाज प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी.
