Muzaffarpur News: सरकार के सात निश्चय-3 (उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य) के तहत मुजफ्फरपुर जिले के सभी 16 प्रखंडों में एक-एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ बी राजेंदर ने इन स्कूलों में 20 मई तक नामांकन प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है. इन सभी चयनित स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई होगी. खास बात यह है कि यहां पढ़ाने के लिए लिखित परीक्षा और साक्षात्कार (इंटरव्यू) के माध्यम से बेहतरीन सरकारी शिक्षकों का चयन किया गया है.
स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और आधुनिक प्रयोगशालाओं की मिलेगी सुविधा
इन मॉडल स्कूलों को निजी विद्यालयों की तर्ज पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा. परिसर में डिजिटल पुस्तकालय, आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लास और विज्ञान विषयों के लिए अलग-अलग आधुनिक प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी. साथ ही बच्चों के शारीरिक विकास के लिए खेल के मैदानों का विस्तार होगा. स्कूलों तक पहुंचने के लिए ग्रामीण सड़कों को भी बेहतर किया जाएगा. इसके अतिरिक्त मुजफ्फरपुर के जिला स्कूल को भी इसी तर्ज पर मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है.
छात्रवृत्ति परीक्षा में 50% अंक लाने वाले छात्रों को प्राथमिकता
इन स्कूलों में नामांकन के लिए राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति परीक्षा में कम से कम 50 फीसदी अंक लाने वाले मेधावी छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी. पर्याप्त संख्या न होने पर 40 फीसदी अंक वाले बच्चों को भी मौका मिलेगा. स्कूलों की सख्त निगरानी के लिए जिलाधिकारी (डीएम) की अध्यक्षता में जिला परियोजना प्रबंधन इकाई का गठन किया गया है.
इन 16 स्कूलों की बदलेगी सूरत
प्रखंडवार चयनित स्कूलों में मुशहरी का मुखर्जी सेमिनरी, मोतीपुर का राजकीयकृत सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कांटी का रामचंद्र हाई स्कूल, साहेबगंज हाई स्कूल, पारू का राजकीयकृत हाई स्कूल, सरैया का आरके हाई स्कूल और मीनापुर का राम कृष्ण हाई स्कूल शामिल हैं. इनके अलावा कुढ़नी (तुर्की), बोचहां (सरफुद्दीनपुर), सकरा, औराई, कटरा, गायघाट, मड़वन, बंदरा और मुरौल प्रखंड के चिन्हित उच्च माध्यमिक विद्यालयों को मॉडल स्कूल सूची में शामिल किया गया है.
मुजफ्फरपुर से विनय की रिपोर्ट
