Muzaffarpur Nagar Nigam: नगर निगम की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं. आरोप है कि बीते कुछ दिनों में नगर आयुक्त के कई प्रशासनिक आदेश वापस लिये गये हैं. ताजा मामला जमादार के तबादले से जुड़ा है, जिसे करीब 15 दिन पहले वार्ड 39 से वार्ड 34 भेजा गया था. अब उसे दोबारा वार्ड 39 में तैनात करने का आदेश जारी किया गया है.
15 दिन पहले हुआ था तबादला
मिली जानकारी के अनुसार, नगर निगम प्रशासन ने करीब 15 दिन पहले वार्ड नंबर 39 में तैनात एक जमादार का तबादला वार्ड नंबर 34 में किया था. तबादले के बाद जमादार को नयी जगह पर जिम्मेदारी संभालनी थी.
हालांकि, शनिवार को जारी नये आदेश में उक्त जमादार को फिर से वार्ड नंबर 39 में तैनात कर दिया गया. महज 10 से 15 दिनों के भीतर तबादले का फैसला बदलने को लेकर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं.
वार्ड 34 की पार्षद ने जताया विरोध
वार्ड नंबर 34 की पार्षद चंदा कुमारी ने जमादार को दोबारा वार्ड 39 भेजे जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है. उन्होंने नगर निगम की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने कम समय में किसी प्रशासनिक फैसले को बदलना उचित नहीं है.
पार्षद ने आरोप लगाया कि नगर आयुक्त पर दबाव बनाया जा रहा है और इसी वजह से उनके फैसले बार-बार बदले जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यदि निगम के शीर्ष स्तर पर ही प्रशासनिक फैसलों में स्थिरता नहीं रहेगी, तो इसका असर पूरे नगर निगम की व्यवस्था पर पड़ेगा.
लगातार आदेश बदलने पर उठ रहे सवाल
नगर निगम से जुड़े लोगों का कहना है कि पिछले करीब दो सप्ताह में कुछ प्रशासनिक आदेशों में बदलाव देखने को मिला है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर किन परिस्थितियों में लिये गये फैसलों को कुछ ही दिनों बाद वापस लेना पड़ रहा है.
हालांकि, जमादार की दोबारा वार्ड 39 में तैनाती को लेकर नगर निगम प्रशासन की ओर से दबाव या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है.
