होल्डिंग टैक्स वसूली: नगर निगम प्रशासन ने होल्डिंग टैक्स और अन्य राजस्व की धीमी गति को देखते हुए बड़े बकायेदारों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है. उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद सक्रिय हुई राजस्व शाखा ने पुलिस बल के सहयोग से फील्ड में वसूली तेज कर दी है. नगर निगम का रुख इस बार बेहद सख्त है और स्पष्ट कर दिया गया है कि कर अदायगी में हीलाहवाली करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.
फील्ड में उतरीं टीमें, संस्थानों को शीघ्र भुगतान की चेतावनी
अभियान के तहत टैक्स दारोगा और कर संग्रहकर्ताओं की विशेष टीमें गठित कर सीधे बकायेदारों के दरवाजे पर भेजी जा रही हैं. इसी सिलसिले में गुरुवार को निगम की टीम ने शहर के दो प्रमुख संस्थानों के परिसरों का स्थलीय निरीक्षण किया:
- खादी ग्रामोद्योग संस्थान: बिहार खादी ग्रामोद्योग के अधिकारियों से मिलकर लंबे समय से लंबित होल्डिंग टैक्स को तत्काल जमा करने का निर्देश दिया गया.
- बिहार वक्फ बोर्ड: वक्फ बोर्ड से जुड़े परिसरों की जांच कर संबंधित प्रतिनिधियों को बकाया कर का अविलंब भुगतान सुनिश्चित करने का अल्टीमेटम थमाया गया.
- दैनिक निगरानी: टैक्स दारोगा और कर संग्रहकर्ताओं को प्रतिदिन फील्ड में रहकर चिन्हित बकायेदारों से संपर्क साधने और रिपोर्ट देने को कहा गया है.
प्राथमिकता सूची तैयार, वास्तविक वसूली पर निगम का जोर
नगर निगम ने शहर के प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, निजी संस्थानों और बड़े भवन स्वामियों की प्राथमिकता सूची तैयार की है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विभाग का उद्देश्य सिर्फ कागजों पर कर निर्धारण तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि खजाने में वास्तविक राजस्व की वसूली सुनिश्चित करना है.
सहयोग न करने पर सील और जब्ती की होगी कार्रवाई
राजस्व शाखा के प्रभारी रवि रंजन राज ने बताया कि समीक्षा बैठक के कड़े निर्देशों के बाद पूरे शहर में राजस्व वसूली अभियान में तेजी लाई गई है. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जो संस्थान या बड़े करदाता बार-बार नोटिस के बाद भी सहयोग नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत बैंक खाते अटैच करने, प्रतिष्ठान सील करने और कुर्की-जब्ती जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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