Madhubani News: जिले में बुधवार की अहले सुबह आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया. हवा की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई कच्चे घरों और टिन के छप्पर उड़ गए, जिससे लोगों को भारी नुकसान हुआ है. मौसम में आए इस अचानक बदलाव से जहां उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं शहर की बुनियादी व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है.
पांच से सात घंटे तक गुल रही बिजली
आंधी के दौरान पेड़ की टहनियां बिजली के तारों पर गिर जाने से शहर के कई इलाकों में पांच से सात घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही. इसके अलावा, रिहायशी इलाकों जैसे तिरहुत कॉलोनी और व्यवहार न्यायालय परिसर के आसपास भीषण जलजमाव की स्थिति बन गई है. सड़कों पर नालियों का पानी बहने से आवागमन में लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल यह समस्या झेलनी पड़ती है.
10 मई तक बारिश और तेज हवा के आसार
मौसमीय वेधशाला पूसा से जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 10 मई तक जिले सहित उत्तर बिहार में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है. इस दौरान 20 से 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पुरवा हवा चल सकती है. अगले पांच दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे. पूर्वानुमान अवधि में अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है.
किसानों के लिए बुआई का उपयुक्त समय
पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश ने खेतों में नमी बढ़ा दी है, जो किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है. कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को 15 मई से हल्दी और अदरक की बुआई शुरू करने की सलाह दी है. साथ ही खरीफ मक्का की बुआई के लिए खेत तैयार करने का यह उचित समय है. सब्जियों में लगने वाले कीटों से बचाव के लिए आसमान साफ रहने पर दवा छिड़काव का परामर्श दिया गया है.
मधुबनी से अनिल कुमार झा की रिपोर्ट
