मुजफ्फरपुर. उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल एसकेएमसीएच में अग्नि सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम नहीं है. मुख्यालय से एसकेएमसीएच परिसर में फायर स्टेशन के निर्माण को मंजूरी मिली हुई है. लेकिन, जगह चिन्हित नहीं होने के कारण फायर स्टेशन का निर्माण कार्य अटका हुआ है. एसकेएमसीएच जैसे बड़े अस्पताल में अग्नि सुरक्षा की मॉनीटरिंग के लिए फायर सेफ्टी ऑफिसर की भी जरूरत है. लेकिन, उनकी भी तैनाती नहीं की गयी है. मुख्यालय के निर्देश पर जिला अग्निशमन पदाधिकारी के नेतृत्व में फायर ब्रिगेड की टीम प्रत्येक साल दो से तीन बार एसकेएमसीएच की फायर ऑडिट करती है. लेकिन, अग्नि सुरक्षा के नाम पर जहां- तहां फायर एक्सटिंग्विशर यंत्र लगा दिये गये हैं. एसकेएमसीएच में हाइड्रेंट सिस्टम भी अभी तक चालू नहीं हो सका है. आये दिन एसकेएमसीएच में अगलगी की घटनाएं होती रहती हैं. एसकेएमसीएच में जो जर्जर स्थिति में तार लटके रहते थे, उनकी वायरिंग भी मानक के अनुरूप नहीं की गयी थी. इन सभी को भी अभी तक सुधारा नहीं गया है. तीन करोड़ की लागत से हॉस्पिटल में बने फिक्स फायर सेफ्टी सिस्टम को चालू नहीं किया गया है. हाइड्रेंट सिस्टम को पूर्व में चालू कराया गया. लेकिन, वह सफल नहीं सका. हॉस्पिटल से बार- बार लेटर कंपनी को भेजा जा रहा है, लेकिन कंपनी आकर सिस्टम को दुरुस्त नहीं कर रही है. जिला अग्निशमन पदाधिकारी त्रिलोकी नाथ झा ने बताया कि एसकेएमसीएच में फायर स्टेशन खोलने को लेकर मुख्यालय से अनुमति मिल गयी है. जमीन के लिए कई बार अग्निशमन पदाधिकारी एसकेएमसीएच आये, लेकिन अभी तक जमीन मुहैया नहीं करायी गयी है. एसकेएमसीएच जैसे बड़े अस्पताल में अग्नि सुरक्षा को लेकर प्रबंधन गंभीर नहीं है. अगर जमीन मुहैया करा दी जाती है, तो जल्द से जल्द इंजीनियर की टीम को बुलाकर सॉयल टेस्टिंग कर पुलिस भवन निर्माण विभाग को प्रस्ताव भेज दिया जाएगा. आइसीयू में जिंदा जलकर हो गयी थी मरीज की मौत आइसीयू में 11 दिसंबर 2023 को एक मरीज की जिंदा जलकर मौत हो गयी. बताया गया था कि मरीज बीड़ी पी रहा था. इसी दौरान आइसीयू में आग लग गयी. जब तक कर्मी दौड़ते तब तक मरीज पूरी तरह से आग की लपटों में आ गया था. फायर सेफ्टी का आइसीयू में कोई इंतजाम नहीं था. इससे पहले सर्जरी आइसीयू के डॉक्टर चैंबर में भी आग लग गयी थी. ————— दो महिलाओं का कराया जा रहा था प्रसव, आग लगते ही मची- चीख पुकार – चौथे माले पर भर्ती खुशबू देवी घसीटते हुए नीचे उतरी – सैकड़ों की संख्या में लोग एमसीएच के बाहर रहे मौजूद संवाददाता, मुजफ्फरपुर एमसीएच बिल्डिंग के थर्ड फ्लोर स्थित ओटी के पीछे जिस समय आग लगी उस वक्त प्रसव कक्ष में दो महिलाओं की डिलीवरी करायी जा रही थी. जैसे ही आग लगने का शोर हुआ सभी दहशत में आ गए. महिला का प्रसव रोकर उनको बाहर निकाला गया. इस दौरान प्रसव कक्ष में भी धुआं बढ़ने लगा था. डॉक्टर व नर्स ने दोनों प्रसूता महिलाओं नीचे ले गए. बाद में स्थिति सामान्य होने पर उनका डिलीवरी कराया गया. वहीं, आग के शोर के बीच चौथे माले पर भर्ती अम्मा सोहिजन की खुशबू देवी घसीटते हुए चार माले से नीचे उतरी. खुशबू का गुरुवार को ही सिजेरियन ऑपरेशन से बेटा जन्म लिया था. इसके अलावा एमसीएच वार्ड में भर्ती दर्जनों महिलाएं जिनका पिछले तीन- चार दिन पहले सिजेरियन डिलीवरी हुआ था. वे किसी तरह से भागकर अपनी व बच्चों की जान बचायी. पूरे वार्ड में धुआं भरने से सांस लेने में भी लोगों को तकलीफ हो रही थी. अगर आग फैल जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था. एमसीएच बिल्डिंग में आग लगने की सूचना पूरे एसकेएमसीएच परिसर में फैल गयी. सैकड़ों की संख्या में लोग एमसीएच बिल्डिंग के नीचे पहुंच गये सभी वार्ड में भर्ती प्रसूता, गर्भवती महिलाएं व बच्चों जान की सुरक्षा को लेकर प्रार्थना करने लगे. जो भी महिलाएं थर्ड व फ्लोर से नीचे उतरकर कैंपस में आ जाती थी. उनके चेहरे पर डर साफ- साफ दिख रहा था. – डीएम की सूचना पर भागते- भागते पहुंचे जिला अग्निशमन पदाधिकारी एमसीएच बिल्डिंग में आग लगने की सूचना किसी ने जिलाधिकारी को दे दी. उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला अग्निशमन पदाधिकारी को पूरे मामले से अवगत कराया. उन्होंने सबसे पहले अहियापुर थाने से दमकल को एसकेएमसीएच भेजा. फिर चंदवारा स्थित फायर स्टेशन से बड़ी दमकल को बुलाया गया. नगर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी टू विनीता सिन्हा व मेडिकल ओपी प्रभारी डॉ. ललन पासवान भी मौके पर मौजूद रहे. हालांकि, इस घटना में किसी को कुछ नुकसान नहीं हुआ. जब आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया तो सभी मरीजों की जान में जान आयी.
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