सदर अस्पताल में खुला आइ ओटी, दो मरीजों का ऑपरेशन

सदर अस्पताल में खुला आइ ओटी, दो मरीजों का ऑपरेशन

-13 वर्षों के बाद बहाल हुई आंख के ऑपरेशन की सुविधा

मुजफ्फरपुर.

सदर अस्पताल में गुरुवार को आई ओटी की शुरुआत की गयी. पहले दिन दो मरीजों का ऑपरेशन किया गया. सरैया के डोकरा गांव निवासी 63 वर्षीय मनी लाल साह व कांटी के माधेपुर निवासी मो यासीन का निशुल्क मोतियाबिंद का ऑपरेशन कर उनकी आंखों में लेंस लगाया गया. सदर अस्पताल में 13 वर्षों बाद आंख के ऑपरेशन की शुरुआत हुई है. यहां वर्ष 2011 में अंतिम बार आंख का ऑपरेशन हुआ था. आइ ओटी खुलने के बाद यहां ऑपरेशन के लिए चार आइ सर्जन प्रतिनियुक्त किए गए हैं. मरीजों को भोजन और चश्मा भी अस्पताल की ओर से निशुल्क दिया जायेगा. सदर अस्पताल में आइ ओटी खोले जाने के लिए कई साल से योजनाएं बन रहीं थीं, लेकिन संसाधन के अभाव में ओटी की शुरुआत नहीं हो पा रही थी.

निजी अस्पतालों को अब नहीं मिलेगा अनुदान

जिले मे अंधापन निवारण के लिए राज्य सरकार ने दो वर्षों में सदर अस्पताल और एसकेएमसीएच में छह करोड़ का आवंटन भेजा. जिसे अस्पताल व एनजीओ की मोतियाबिंद ऑपरेशन करने अनुदान के रूप में दिया गया. पिछले साल एनजीओ वाले तीन अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग ने मोतियाबिंद ऑपरेशन के बदले अनुदान में 52 लाख दिये. यह राशि तीनों अस्पतालों में ऑपरेशन कराए मरीजों के भौतिक सत्यापन के बाद दी गयी. अस्पताल अधीक्षक डॉ बीएस झा ने बताया कि सरकार प्रति मरीज दो हजार अनुदान के तौर पर अनुबंध वाले निजी अस्पतालों को दे रही थी. अब यह अनुदान नहीं मिलेगा.

सदर अस्पताल में आइ ओटी खुलने से मरीजों को काफी सहूलियत होगी. यहां आंख के ऑपरेशन के लिए जरूरी सभी उपकरण उपलब्ध हैं. चार आई सर्जन भी प्रतिनियुक्त हैं. यहां मोतियाबिंद सहित आंखों की सभी तरह की सर्जरी की जाएगी. मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी.

– डॉ बीएस झा, अधीक्षक, सदर अस्पतालB

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