10,000 सोलर लाइट पर एक इंटीग्रेटेड सर्विस स्टेशन, 24 घंटे में मरम्मत

ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर लग रही सोलर लाइट के रखरखाव में भारी लापरवाही मिली है.

लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों पर लग चुका है नौ लाख का जुर्माना

मुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर

ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर लग रही सोलर लाइट के रखरखाव में भारी लापरवाही मिली है. पंचायती राज मंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एजेंसियों पर कड़ा रुख अपनाया है. खराब लाइटों की मरम्मत में हो रही देरी को देखते हुए अब प्रत्येक 10,000 सोलर लाइट पर एक इंटीग्रेटेड सर्विस स्टेशन स्थापित करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही, मरम्मत में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों पर करीब नौ लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है. छह महीने से अधिक समय से खराब पड़ी हजारों लाइटों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी हो रही है.

मरम्मत में देरी पर सवाल

राज्य के सभी वार्डों में रोशनी फैलाने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से सोलर लाइटें लगायी जा रही हैं. जिले में अब तक 30,000 लगा चुके हैं और दूसरे चरण का कार्य प्रगति पर है. हालांकि, विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि खराब होने के बाद 24 घंटे के भीतर इनकी मरम्मत नहीं की जा रही है. इससे गांवों को रोशन करने का मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा है.

31 हजार से अधिक लाइटें खराब

हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में ब्रेडा की रिपोर्ट ने चौंकाने वाले आंकड़े दिए.रिपोर्ट के अनुसार, कुल 5.5 लाख लाइटों में से 31,653 ऐसी हैं जो 72 घंटे से अधिक समय से ””सिग्नल लॉस”” प्रदर्शित कर रही हैं. इसका अर्थ है कि वे ठीक से काम नहीं कर रही हैं. इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि 1,983 लाइटें ऐसी हैं जो पिछले छह महीने से खराब पड़ी हुई हैं और उनकी मरम्मत नहीं की गयी है.

रिमोट मॉनिटरिंग व सीसी कैमरा

इन सर्विस स्टेशनों पर रिमोट मॉनिटरिंग सुविधा से युक्त सीसी कैमरे लगाने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि रखरखाव कार्यों की प्रभावी निगरानी की जा सके.

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By Prabhat Kumar

I am working as a chief reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on district administration, political, social, and current topics.

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