Muzaffarpur Land Scam: सरकारी कार्यों में लापरवाही, अनियमितता और जमीन के दस्तावेजों में हेराफेरी करने वाले भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ जिलाधिकारी कुमार गौरव ने कड़ा रुख अपनाया है. मुशहरी और मोतीपुर अंचल में सामने आए गंभीर भूमि घोटालों के मामले में डीएम ने दो राजस्व कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन, एफआईआर और विभागीय कार्रवाई के कड़े आदेश जारी किए हैं. इस बड़ी कार्रवाई से अंचल कार्यालयों में हड़कंप मच गया है.
वसीयतनामा में फर्जीवाड़ा और अवैध जमाबंदी का खुलासा
जांच के दौरान अंचल कार्यालयों में जमीनों के खेल का चौंकाने वाला मामला सामने आया है:
- वसीयत में छेड़छाड़: मुशहरी अंचल के महम्मदपुर काजी में दाखिल-खारिज वाद संख्या-7393/2025-26 के दौरान व्यवहार न्यायालय से सत्यापित प्रति और अंचल में जमा वसीयतनामा में अंतर मिला. तत्कालीन राजस्व कर्मचारी वीरेन्द्र राम पर दस्तावेजों में हेराफेरी का आरोप है. वर्तमान में पूर्वी चंपारण में पदस्थापित वीरेन्द्र राम को निलंबित करने और प्राथमिकी दर्ज करने के लिए डीएम ने पत्र भेजा है.
- बियाडा की जमीन की अवैध जमाबंदी: मोतीपुर अंचल में बियाडा की 16.86 एकड़ सरकारी जमीन को अवैध जमाबंदी के जरिए निजी हाथों में सौंपने का खुलासा हुआ. इस मामले में राजस्व कर्मचारी नागेन्द्र कुमार ठाकुर के विरुद्ध आरोप पत्र (प्रपत्र-क) गठित कर विभागीय जांच शुरू की गई है.
दाखिल-खारिज में बड़े खेल की खुली पोल
यह पूरा मामला राजस्व कार्यालयों में चल रहे बड़े रैकेट को उजागर करता है. नियमों को ताक पर रखकर मूल दस्तावेजों के भौतिक और कानूनी सत्यापन के बिना ही गलत रिपोर्ट आगे बढ़ा दी गई.
दोषियों पर होगी कठोर कानूनी कार्रवाई: डीएम
जिलाधिकारी कुमार गौरव ने स्पष्ट कहा कि सरकारी कार्यों में भ्रष्टाचार, लापरवाही या नियमों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. दोषी कर्मियों पर सख्त कानूनी एक्शन लिया जाएगा. राजस्व व भूमि सुधार में पारदर्शिता और जवाबदेही प्रशासन की पहली प्राथमिकता है.
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