Muzaffarpur News: डीएम और कातिबों के बीच वार्ता विफल, पेपरलेस रजिस्ट्री के विरोध में हड़ताल जारी

मुजफ्फरपुर में पेपरलेस रजिस्ट्री प्रक्रिया के विरोध में कातिबों और स्टांप वेंडरों की हड़ताल जारी है.जिलाधिकारी के साथ वार्ता विफल होने के बाद संघ ने अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है.

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर. पूरे राज्य में 17 अगस्त से लागू हुई पेपरलेस रजिस्ट्री प्रक्रिया के विरोध में चल रही कातिबों (दस्तावेज नवीस) और स्टांप वेंडरों की हड़ताल फिलहाल खत्म नहीं होगी. शनिवार को जिलाधिकारी कुमार गौरव के साथ संघ के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता बेनतीजा रही. डीएम की अपील के बावजूद किसी भी बिंदु पर सहमति नहीं बन सकी. इसके बाद कातिबों ने अपना अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है.

डीएम की अपील के बाद भी नहीं बनी सहमति

वार्ता के दौरान जिलाधिकारी कुमार गौरव ने प्रतिनिधिमंडल को ई-निबंधन प्रणाली के फायदे बताए. उन्होंने कहा कि पेपरलेस रजिस्ट्री से प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और सरकारी खर्च में भी बचत होगी.

डीएम ने जनहित का हवाला देते हुए कातिबों और स्टांप वेंडरों से काम पर लौटने का आग्रह किया. हालांकि संघ के प्रतिनिधियों ने इसे स्वीकार नहीं किया और अपनी मांगों पर कायम रहे.

राज्य स्तर पर फैसला होने तक जारी रहेगा आंदोलन

वार्ता के बाद दस्तावेज नवीस संघ के अध्यक्ष संजीव कुमार ने कहा कि कातिबों की मांगें जिला स्तर की नहीं हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि हड़ताल राज्य महासंघ के आह्वान पर चल रही है. इसलिए इस पर फैसला भी राज्य स्तर से ही होगा.

संघ ने कहा कि जब तक पटना में राज्य सरकार के स्तर पर वार्ता नहीं होती और कातिबों के हित में कोई ठोस व लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल पूर्ववत जारी रहेगी.

डीएम ने जिला अवर निबंधक से ली जानकारी

हड़ताल के कारण रजिस्ट्री कार्यालय में कामकाज प्रभावित होने को लेकर जिलाधिकारी ने जिला अवर निबंधक अजय कुमार को तलब किया. उन्होंने हड़ताल के कारण ठप पड़े काम और इससे उत्पन्न स्थिति की पूरी जानकारी ली.

इधर, प्रशासन और संघ के बीच वार्ता विफल होने के बाद निबंधन कार्यालयों में गतिरोध और गहरा गया है.

जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री का काम ठप

कातिबों और स्टांप वेंडरों की हड़ताल जारी रहने से जमीन की खरीद-बिक्री और फ्लैटों की रजिस्ट्री का काम प्रभावित रहेगा. निबंधन कार्यालय पहुंचने वाले क्रेता-विक्रेताओं को फिलहाल बिना रजिस्ट्री कराये लौटना पड़ सकता है.

दूर-दराज के इलाकों से निबंधन कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. राज्य स्तर पर समाधान नहीं निकलने तक जिले में रजिस्ट्री का काम सामान्य होने की संभावना कम है.

डीएम बोले- ई-निबंधन से मिलेगा भविष्य में लाभ

जिलाधिकारी कुमार गौरव ने ई-निबंधन प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बताया. उन्होंने कहा कि शुरुआत में कुछ परेशानियां हो सकती हैं, लेकिन भविष्य में इस प्रणाली से बड़ा लाभ मिलेगा.

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लेखक के बारे में

By देवेश कुमार

पत्रकारिता के क्षेत्र में देवेश को 17 वर्षों का अनुभव है. उच्च शिक्षा, जमीन रजिस्ट्री, नगर निगम की कार्यप्रणाली और स्मार्ट सिटी विकास जैसे विषयों पर इनका विशेष लेखन है. राजनीतिक और सामाजिक समसामयिक मुद्दों के साथ-साथ खोजी पत्रकारिता और ब्रेकिंग न्यूज कवरेज में ये सक्रिय हैं. तथ्यपरक, प्रभावी और जन सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग इनकी प्रमुख पहचान है.

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