Muzaffarpur Madhubani Painting: सिकन्दरपुर स्थित 'अप्पन पाठशाला' के बच्चे अब सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं हैं.ये बच्चे पढ़ाई करने के साथ-साथ पारंपरिक मधुबनी पेंटिंग के हुनर को भी बखूबी सीख रहे हैं.संस्था की ओर से छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए 'शिक्षा से समृद्धि अभियान' के तहत पारंपरिक मिथिला पेंटिंग के एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का शानदार आयोजन किया जा रहा है.इस अनूठी पहल से बच्चों में कला के प्रति भारी उत्साह देखा जा रहा है.
बेड शीट और पर्दों पर लाइव ट्रेनिंग, बाजार में कला की बढ़ी मांग
इस विशेष प्रशिक्षण की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि छात्र न केवल पारंपरिक कला की बुनियादी बारीकियां सीख रहे हैं, बल्कि व्यावसायिक स्तर पर बड़े पैमाने पर उपयोग होने वाली कीमती वस्तुओं जैसे बिग बेड शीट और पर्दों पर भी इसका लाइव प्रशिक्षण ले रहे हैं.इस सराहनीय पहल की सफलता और बच्चों की अद्भुत कलात्मकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाजार में इन नन्हे कलाकारों द्वारा तैयार की जा रही खूबसूरत पेंटिंग्स की एडवांस बुकिंग अभी से ही शुरू हो गई है.
साक्षरता के साथ आत्मनिर्भरता है मुख्य उद्देश्य, एक्सपर्ट दे रहीं ट्रेनिंग
अप्पन पाठशाला के संस्थापक सुमित ने इस संबंध में विस्तार से बताया कि हमारा मुख्य उद्देश्य बच्चों को सिर्फ साक्षर बनाना नहीं, बल्कि उन्हें हर क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है.इस विशेष कलात्मक प्रशिक्षण से छात्र-छात्राओं के भीतर छिपी हुई अद्भुत प्रतिभा का विकास तो होगा ही, साथ ही यह भविष्य में उनके स्वावलंबन और आजीविका का एक बेहद मजबूत आधार भी सिद्ध होगा.
कला एक्सपर्ट मीनाक्षी कुमारी से सीख रहे व्यावसायिक बारीकियां
छात्रों को कला की सही तकनीक, रंगों के संयोजन और व्यावसायिक बारीकियां सिखाने के लिए पेंटिंग कला की जानी-मानी एक्सपर्ट मीनाक्षी कुमारी को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है.उनके कुशल मार्गदर्शन में सभी बच्चे बेहद उत्साह के साथ मिथिला की इस गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को सहेज रहे हैं.साथ ही इसे अपनी भविष्य की आजीविका का माध्यम बनाने का बेहतरीन गुर भी सीख रहे हैं.
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