नगर निगम क्षेत्र के चंदवारा पानीकल पंप के बीते एक माह से खराब रहने के कारण वार्ड संख्या 43, 44, 45 और 16 में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है. गर्मी की दस्तक के साथ ही इन वार्डों के हजारों निवासी पीने के पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं. हालांकि, समस्या के समाधान के लिए नया पंप लगाने का कार्य जारी है, लेकिन यह अभी तक पूरा नहीं हो सका है. निगम प्रशासन द्वारा इन क्षेत्रों में पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं, लेकिन बढ़ती आबादी और जरूरत के मुकाबले यह आपूर्ति कुछ ही देर में समाप्त हो जाती है, जिससे लोगों की परेशानी जस की तस बनी रहती है. इन वार्डों में हाल ही में बिछाई गई नई पाइपलाइन भी लोगों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है. कई स्थानों पर नल के टैप नहीं लगाए गए हैं, जिसके कारण जब पानी की आपूर्ति शुरू होती है, तो वह दिनभर नालों में बहता रहता है, जिससे पानी की भारी बर्बादी होती है और जरूरतमंदों तक पानी नहीं पहुंच पाता. अखाड़ाघाट बांध, चंदवारा, लकड़ीढाई, बीएमपी-6 रोड और आसपास के अन्य मोहल्लों में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिल रही है. स्थानीय लोगों ने बताया कि नई बोरिंग का कार्य पिछले लगभग बीस दिनों से चल रहा है, लेकिन भूजल स्तर काफी नीचे चले जाने और बोरिंग में पत्थर निकलने के कारण इसमें लगातार देरी हो रही है. निगम प्रशासन की ओर से लगातार काम जारी रहने का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद कम ही दिखाई दे रही है.
सुबह से देर रात तक पानी का इंतजारइन वार्डों में कई छोटी-छोटी बस्तियां हैं, जिनमें रहने वाले हजारों लोग पूरी तरह से नगर निगम की जलापूर्ति पर ही निर्भर हैं. पानी की आपूर्ति शुरू होते ही इन बस्तियों के सभी लोग बाल्टी और बर्तन लेकर पानी भरने के लिए निकल पड़ते हैं. सुबह से लेकर रात तक पानी की तलाश और उसे भरने की जद्दोजहद ही इन लोगों की दैनिक दिनचर्या बन गई है. लोगों ने निगम प्रशासन से जल्द से जल्द पंप को ठीक कराने और सुचारू रूप से जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि उन्हें इस भीषण गर्मी में पानी की किल्लत से निजात मिल सके.
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