बीआरएबीयू में लागू हुआ 'समर्थ' ग्रीवांस मॉड्यूल: 27 प्रकार की समस्याओं का अब ऑनलाइन होगा त्वरित समाधान

बीआरएबीयू ने 'समर्थ' ई-गवर्नेंस पोर्टल का ग्रीवांस मैनेजमेंट मॉड्यूल शुरू किया है. अब छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों की 27 प्रकार की प्रमुख समस्याओं का ऑनलाइन पंजीकरण, ट्रैकिंग और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित होगा. यह व्यवस्था लोकभवन के सख्त निर्देशों के बाद लागू की गई है.

बीआरएबीयू समर्थ पोर्टल: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू) में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, सुगम और उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से 'समर्थ' ई-गवर्नेंस पोर्टल का ग्रीवांस मैनेजमेंट मॉड्यूल प्रभावी कर दिया गया है. इसके माध्यम से अब विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों से संबंधित 27 प्रकार की प्रमुख समस्याओं का ऑनलाइन पंजीकरण, रियल-टाइम ट्रैकिंग और निर्धारित समयसीमा में अनिवार्य निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा. प्रणाली को धरातल पर क्रियान्वित करने हेतु कुलसचिव ने सभी संबंधित प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ बैठक कर पोर्टल को तुरंत सक्रिय करने के कड़े निर्देश दिए हैं.

लोकभवन के सख्त अल्टीमेटम के बाद हरकत में आया प्रशासन

राज्यपाल सचिवालय (बिहार लोक भवन) ने राज्यभर के विश्वविद्यालयों में शिकायत निवारण प्रणाली लागू करने में हो रहे विलंब को लेकर पूर्व में बेहद कड़ा रुख अपनाया था:

  • सख्त निर्देश: राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने पत्र जारी कर सभी कुलपतियों को 26 अगस्त 2026 तक हर हाल में ग्रीवांस मॉड्यूल सक्रिय करने का अल्टीमेटम दिया था.
  • जवाबदेही तय: सचिवालय ने स्पष्ट किया था कि इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई होगी.

दफ्तरों की दौड़ से मिलेगी मुक्ति, तय समय में होगा काम

कुलसचिव प्रो. समीर कुमार शर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर नई व्यवस्था की रूपरेखा स्पष्ट की:

  • छात्रों को सहूलियत: अंकपत्र, मूल डिग्री, प्रवेश पत्र, त्रुटि सुधार एवं पंजीयन जैसी समस्याओं के लिए विद्यार्थियों को अब विवि मुख्यालय के अनावश्यक चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे.
  • शिक्षकों व कर्मियों के मामले: प्राध्यापकों और कर्मियों के वेतन, पेंशन, विभिन्न अवकाश तथा सेवा संबंधी मामलों का ऑनलाइन समाधान होगा.
  • डिजिटल ट्रैकिंग: प्रत्येक शिकायत दर्ज होते ही यूनिक ट्रैकिंग नंबर जारी होगा, जिससे आवेदन की वर्तमान स्थिति देखी जा सकेगी.

कुलसचिव ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक अधिकारी को तय सीमा में समाधान रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, जिसकी नियमित समीक्षा की जाएगी.

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By Ankit kumar

प्रभात खबर मुजफ्फरपुर में वरीय संवाददाता के पद पर कार्यरत हूं. पत्रकारिता में आठ वर्षों का अनुभव है. शिक्षा और क्राइम बीट पर विशेषज्ञता है. एमजेएमसी और एम.ए पॉलिटिकल साइंस के साथ एलएलबी की डिग्री प्राप्त है।
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