बिहार में अब चटपट होगा नक्शा पास, इंजीनियरों के लिए तय हुआ 30 दिनों का डेडलाइन

Bihar News: नगर आयुक्त ने बताया कि नक्शे की स्वीकृति देने में लापरवाही बरतने वाले इंजीनियरों से शो-कॉज भी मांगा गया है. नगर आयुक्त ने कहा कि मेरे स्तर से रोजाना इसकी समीक्षा सभी इंजीनियर व संबंधित शाखा के कर्मियों के साथ की जाती है.

Bihar News: मुजफ्फरपुर. मुजफ्फरपुर नगर निगम व आयोजना क्षेत्र में बनने वाले आवासीय एवं कॉमर्शियल भवनों के नक्शे की स्वीकृति में तेजी दिखने लगी है. लोगों की परेशानी को देखते हुए नगर आयुक्त विक्रम विरकर ने एक महीने में अभियान चला 100 लंबित नक्शे की स्वीकृति दी है. आगे लंबित नक्शे की स्वीकृति के लिए 30 दिनों का डेडलाइन तय किया गया है. इसके लिए इंजीनियरों को बिना कोई लापरवाही बरते तेजी से जांच-पड़ताल करते हुए लंबित के साथ आवेदन होने वाले नये नक्शे की स्वीकृति देने का आदेश दिया है. इसके बाद भी अगर कोई शिकायत मिलती है, तब सीधे इंजीनियरों के ऊपर कार्रवाई होगी.

इंजीनियरों से मांगा गया शो-कॉज

नगर आयुक्त ने बताया कि नक्शे की स्वीकृति देने में लापरवाही बरतने वाले इंजीनियरों से शो-कॉज भी मांगा गया है. नगर आयुक्त ने कहा कि मेरे स्तर से रोजाना इसकी समीक्षा सभी इंजीनियर व संबंधित शाखा के कर्मियों के साथ की जाती है. सख्त हिदायत दे दी गयी है कि अनावश्यक रूप से किसी भी पब्लिक को कोई भी दौड़ाता है और परेशान करना है. तब शिकायत मिलने पर सीधे कार्रवाई होगी.

काम कर रहा है बड़ा सिंडिकेट

नक्शे की स्वीकृति में जितना विलंब होता है, उतनी ज्यादा राशि की डिमांड ऑफिस खर्च के नाम पर निगम के कर्मचारी, कंप्यूटर ऑपरेटर से लेकर आर्किटेक्ट इंजीनियर के द्वारा की जाने लगती है. ऐसे में जिन्हें बैंक से लोन लेकर मकान बनाना है. उन्हें मजबूर होकर अवैध राशि खर्च करना पड़ जाता है. इसके पीछे नगर निगम में इन दिनों बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है.

नक्शे स्वीकृति के नाम पर पैसे मांगने पर सीधे करें शिकायत

नगर आयुक्त ने आम पब्लिक के लिए बड़ा संदेश जारी किया है. कहा कि नक्शे की स्वीकृति के नाम पर कोई भी आर्किटेक्ट इंजीनियर या फिर नगर निगम के स्तर से कोई कर्मचारी, अमीन, कंप्यूटर ऑपरेटर तय शुल्क से अधिक राशि की डिमांड ऑफिस खर्च के नाम पर करते हैं. तब वे सीधे मेरे व्हाट्स एप नंबर 7488552120 या फिर मुजफ्फरपुर नगर निगम के ऑफिसियल वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं. ऑफिस में भी उक्त कर्मचारी के नाम के साथ लिखित शिकायत करने पर कार्रवाई होगी.

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By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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