मुजफ्फरपुर जमानत कोर्ट: अहियापुर में चर्चित बाउंड्री तोड़फोड़ कांड में सियासी और कानूनी सरगर्मी तेज हो गई है. मामले में नामजद विधायक के भाई सोनू सिंह उर्फ अभिनव कुमार को अदालत से बड़ी फौरी राहत मिली है. प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिसिया कार्रवाई पर फिलहाल 'नो कोर्सिव' की रोक लगा दी है, जिससे उनकी संभावित गिरफ्तारी टल गई है. वहीं दूसरी ओर, केस वापस लेने के लिए पीड़ित परिवार को धमकाने वाले दो अन्य आरोपितों ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जिन्हें बाद में नियमित जमानत मिल गई.
एडीजे-17 की कोर्ट में 10 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
अदालत द्वारा दी गई इस अंतरिम राहत के बाद अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को मुकर्रर की गई है. पुलिस फिलहाल इस मामले में कोई कठोर दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर सकेगी. कानूनी जानकारों के अनुसार 'नो कोर्सिव' आदेश से आरोपी को अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी से फौरी सुरक्षा मिल गई है.
धमकी मामले के दो आरोपितों ने सीजेएम कोर्ट में किया आत्मसमर्पण
इधर, औराई निवासी प्रहलाद कुमार को केस उठाने के लिए जान से मारने की धमकी देने के मामले में दो आरोपियों ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया:
- आत्मसमर्पण करने वाले आरोपियों में सरस्वती नगर निवासी राहुल कुमार शामिल हैं.
- दूसरा आरोपी भिखनपुरा इलाके का निवासी रमेश वर्मा है.
- दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत अदालत ने इन दोनों आरोपितों को नियमित जमानत प्रदान कर दी है.
केस वापस लेने के लिए परिजनों पर दबाव बनाने का आरोप
पीड़ित प्रहलाद कुमार ने बीते दो सितंबर को अहियापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. प्राथमिकी में गंभीर आरोप लगाए गए थे:
- आरोपियों ने पहले प्रहलाद को फोन करके मिलने के बहाने बुलाया था.
- इसके बाद आरोपियों ने उनके पैतृक गांव जाकर परिजनों को केस उठाने के लिए धमकाया.
- उसी शाम दोबारा फोन कर मुकदमा वापस न लेने पर बुरा अंजाम भुगतने की धमकी दी गई.
सुमित कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी
विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने मोतीपुर थाना क्षेत्र के नरियार निवासी सुमित कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी किया है. संबंधित मामले में आरोपी को नौ सितंबर को अदालत में पेश किया जाएगा.
ये भी पढ़ें: मुजफ्फरपुर के चर्चित प्रसाद अस्पताल में 95 दिनों बाद ओपीडी और भर्ती सेवा फिर से शुरू
