बैंक कर्मचारी हड़ताल: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर शुक्रवार को जिले के बैंक कर्मियों ने एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की. पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली लागू करने और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) की विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर रहे. मांगों पर ठोस निर्णय न होने से आक्रोशित बैंक कर्मचारियों ने मिठनपुरा स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के समक्ष एकत्रित होकर केंद्र सरकार और प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन व नारेबाजी की.
वार्ता विफल होने के बाद राष्ट्रव्यापी हड़ताल का फैसला
कर्मचारियों ने बताया कि मांगों को लेकर सरकार और बैंक यूनियनों के बीच कई दौर की वार्ताएं अनिर्णायक रहीं, जिसके चलते कर्मचारियों को सड़क पर उतरना पड़ा.
- हड़ताल का समय: सुबह 10 बजे से कामकाज ठप कर कर्मचारी हड़ताल पर चले गए.
- शाखा पर प्रदर्शन: अपराह्न तक सभी कर्मी मिठनपुरा मुख्य ब्रांच सहित एसबीआइ के अन्य ब्रांच के सामने जुटे और सभा की.
- बैंकिंग सेवाएं प्रभावित: हड़ताल के कारण चेक क्लीयरेंस, नकद जमा व निकासी जैसी नियमित सेवाएं दिनभर बाधित रहीं.
समझौते के बावजूद 5 दिवसीय बैंकिंग लागू न होने पर नाराजगी
यूनियन के आंचलिक सचिव विवेक कुमार, एसबीआईओए के उप महासचिव (एजीएस) चंदन कुमार, एसबीआईएसए के उप महासचिव (एजीएस) मुकेश कुमार तथा उप महासचिव (एजीएस) भरत प्रसाद सिंह ने कहा कि बैंकों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग लंबे समय से लंबित है. साथ ही कर्मचारियों ने बैंकों में लागू भेदभावपूर्ण पीएलआई नीति का कड़ा विरोध किया.
उन्होंने कहा कि 8 मार्च 2024 को वेतन संशोधन के दौरान सरकार ने छह माह के अंदर 5-डे बैंकिंग लागू करने का लिखित भरोसा दिया था, लेकिन वादा पूरा नहीं हुआ. गत 9 सितंबर को भी श्रम आयुक्त और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बीच हुई सुलह वार्ता भी विफल रही. इसके बाद देशभर के कर्मियों को आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा.
