Garibnath Dham Corridor: उत्तर बिहार का देवघर कहे जाने वाले ऐतिहासिक बाबा गरीबनाथ धाम के कायाकल्प और भव्य कॉरिडोर निर्माण की दिशा में राज्य सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं. इसी सिलसिले में पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने जिलाधिकारी और एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर के साथ जिले के प्रवेश द्वार फकुली स्थित प्रस्तावित तोरण द्वार स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य समय सीमा में और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया.
विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा गरीबनाथ धाम कॉरिडोर
पर्यटन मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बाबा गरीबनाथ धाम को राष्ट्रीय स्तर के धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है. इस परियोजना के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- भव्य स्वागत द्वार: जिले के एंट्री प्वाइंट फकुली में आकर्षक स्वागत द्वार बनेगा, जो कांवरियों का मुख्य केंद्र होगा.
- थीम आधारित प्रवेश द्वार: फकुली के अलावा शहर के छाता बाजार और साहू चौक पर भी विशेष थीम पर आधारित भव्य गेट बनेंगे.
- साहू पोखर का कायाकल्प: ऐतिहासिक साहू पोखर का जीर्णोद्धार होगा, जहां भव्य आरती डेक और आकर्षक ग्लास ब्रिज का निर्माण कराया जाएगा.
- सुगम सड़कें: श्रद्धालुओं और कांवरियों के सुरक्षित आवागमन के लिए पूरे कांवरिया पथ और पहुंच मार्गों का चौड़ीकरण होगा.
प्रथम चरण के लिए 6.19 करोड़ मंजूर
वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के मॉडल पर विकसित हो रहे इस प्रोजेक्ट के प्रथम चरण के लिए पर्यटन विभाग ने 6.19 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है, जिसकी पहली किस्त जारी हो चुकी है. इससे मंदिर परिसर, साहू पोखर और आसपास के क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण तेजी से कराया जाएगा ताकि हर साल सावन में आने वाले लाखों शिवभक्तों को आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें.
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