Muzaffarpur Traffic Jam: मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना अंतर्गत मेडिकल ओवरब्रिज के नीचे शुक्रवार को भयावह जाम की स्थिति बन गई. ओवरटेक की अंधी होड़ और मौके पर ट्रैफिक पुलिस के नदारद रहने से करीब एक घंटे तक चारों तरफ वाहनों के पहिए पूरी तरह थम गए. इस दौरान एनएच-57 समेत पटना, दरभंगा, सीतामढ़ी और मोतिहारी की तरफ जाने वाली सैकड़ों गाड़ियां फंसी रहीं. सामान्य वाहनों के साथ-साथ कई एंबुलेंस और बच्चों से भरी स्कूल बसें भी इस कदर अटक गईं कि लोगों का सांस लेना दूभर हो गया.
NH 57 Traffic Jam: सीतामढ़ी के दो मरीजों की बिगड़ी तबीयत
इस महाजाम का सबसे दर्दनाक दृश्य तब देखने को मिला जब जिंदगी और मौत से लड़ रहे दो गंभीर मरीजों की जान पर बन आई. दोनों मरीजों को सीतामढ़ी से इलाज के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) लाया जा रहा था. ओवरब्रिज के नीचे एंबुलेंस करीब पौन घंटे तक फंसी रही और इंच भर भी आगे नहीं बढ़ पाई. समय पर ऑक्सीजन और मेडिकल सपोर्ट न मिल पाने के कारण मरीजों की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, जिससे परिजनों में चीख-पुकार मच गई.
निजी अस्पताल में आनन-फानन कराया गया भर्ती
मरीजों की नाजुक स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों और चालक ने कड़ी मशक्कत कर एंबुलेंस को किसी तरह भीड़ से बाहर निकाला. एसकेएमसीएच पहुंचना असंभव देखते हुए दोनों को पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है. इस घटना ने साबित कर दिया कि सिस्टम की लापरवाही कैसे 'गोल्डन ऑवर' को बर्बाद कर जान जोखिम में डाल देती है.
मौके से नदारद रही अहियापुर पुलिस
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुबह से ही स्थिति बिगड़ने लगी थी. चालक मनमाने ढंग से गाड़ियां निकाल रहे थे, लेकिन न तो अहियापुर थाना पुलिस दिखी और न ही कोई ट्रैफिक सिपाही. सड़क पर बेतरतीब खड़े ऑटो और ई-रिक्शों ने हालात और बिगाड़ दिए.
कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें
ओवरब्रिज के नीचे उपजे इस गतिरोध का सीधा असर एनएच पर पड़ा और कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया. धूप और उमस के बीच घंटों फंसे बच्चे, बुजुर्ग और यात्री पानी के लिए बेहाल रहे.
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