Muzaffarpur Public Grievance: आम जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर राज्य सरकार और जिला प्रशासन के सख्त निर्देशों का जिले में अपेक्षित असर नहीं दिख रहा है. सीपीजीआरएएमएस, सीएम डैशबोर्ड, डीएम जनता दरबार और मुख्यमंत्री जनता दरबार में दर्ज शिकायतों के निष्पादन में कई विभागों के अधिकारी गंभीर लापरवाही बरत रहे हैं. बार-बार रिमाइंड किए जाने के बावजूद अनुपालन रिपोर्ट न मिलने पर राज्य स्तर से नाराजगी जताई गई है. मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने सभी वरीय अधिकारियों, एसडीओ, बीडीओ और सीओ को 25 जुलाई तक हर हाल में लंबित मामलों का निष्पादन कर पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड करने का निर्देश दिया है.
शिक्षा विभाग और अंचलों में शिकायतों का अंबार
जन शिकायत कोषांग के अनुसार जिले में कुल 773 जन-शिकायतें लंबित हैं. इनमें सबसे खराब स्थिति शिक्षा विभाग और राजस्व से जुड़े कार्यालयों की है. जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय में सबसे अधिक 103 मामले अटके हैं. कटरा सीओ और डीसीएलआर (पूर्वी) के पास 38-38, कांटी सीओ और अपर समाहर्ता (राजस्व) कार्यालय में 31-31 तथा साहेबगंज सीओ के पास 30 मामले लंबित हैं. इसके अलावा बिजली विभाग और जिला आपूर्ति कार्यालय में 28-28 शिकायतों का निपटारा बाकी है.
विभिन्न पोर्टलों पर लंबित कुल 773 मामले
विभिन्न मंचों पर लंबित शिकायतों की बात करें तो सबसे अधिक डीएम जनता दरबार की 454 शिकायतें पेंडिंग हैं. सीएम डैशबोर्ड पर 208, सीपीजीआरएएमएस पर 89 और मुख्यमंत्री जनता दरबार के 22 मामले प्रक्रिया में लटके हुए हैं.
ये भी पढ़ें: मुजफ्फरपुर: राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए 24 शिक्षकों ने किया आवेदन, जांच समिति गठित
