ब्रजेश को जेल में वीआइपी ट्रीटमेंट देने में फंसे तत्कालीन जेलर

मुजफ्फरपुर : बालिका गृह कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को जेल में वीआइपी ट्रीटमेंट देने के मामले में तत्कालीन जेल अधीक्षक राजीव कुमार झा फंस गये हैं. उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई चलाने का आदेश मुख्यमंत्री सह गृह विभाग के मंत्री ने दिया है. अगस्त माह में राजीव कुमार झा जब मुजफ्फरपुर स्थित खुदीराम बोस […]

मुजफ्फरपुर : बालिका गृह कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को जेल में वीआइपी ट्रीटमेंट देने के मामले में तत्कालीन जेल अधीक्षक राजीव कुमार झा फंस गये हैं. उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई चलाने का आदेश मुख्यमंत्री सह गृह विभाग के मंत्री ने दिया है. अगस्त माह में राजीव कुमार झा जब मुजफ्फरपुर स्थित खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में पदस्थापित थे, तभी वहां ब्रजेश ठाकुर को बंदी के रूप में रखा गया था.

अधीक्षक ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सामान्य कैदियों से अलग हटकर ब्रजेश ठाकुर को विशेष तवज्जो दी. अनुचित तरीके से कारा अस्पताल के वार्ड में ब्रजेश को रखा गया था.
उसे एेशो-आराम से जुड़े तमाम संसाधन उपलब्ध करा दिये, ताकि किसी तरह की दिक्कत नहीं हो. इसका खुलासा 11 अगस्त 2018 को जेल का औचक निरीक्षण के दौरान हुआ था. छापेमारी के दौरान 12 मोबाइल फोन, चार मोबाइल चार्जर, तीन सिम कार्ड तथा बड़ी मात्रा में नशीली एवं प्रतिबंधित सामग्री मिली थी.
विभाग का मानना है कि राजीव कुमार झा ने अपने कार्य में गंभीर लापरवाही और कर्तव्य के प्रति उदासीनता बरती है. उनके खिलाफ लगे तमाम आरोपों के मद्देनजर विभागीय जांच शुरू की गयी है.
मामले की जांच के लिए तिरहुत प्रमंडल (मुजफ्फरपुर) के आयुक्त रूपक कुमार और जेल डीआइजी को जांच पदाधिकारी नियुक्त किया गया है. आरोपी को संबंधित संचालन पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहागया है.

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