मांगें नहीं हुईं पूरी, हड़ताल पर गये जूनियर डॉक्टर

मुजफ्फरपुर : एसकेएमसीएच समेत सभी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में कार्यरत जूनियर डॉक्टर एक बार फिर अपनी लंबित मांगों को लेकर एकजुट हो गये है. जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन बिहार ने प्रधान सचिव को पत्र लिख कर कहा है कि उनकी मांगें 22 सितंबर की रात तक नहीं पूरी हुई तो 23 की सुबह आठ बजे […]

मुजफ्फरपुर : एसकेएमसीएच समेत सभी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में कार्यरत जूनियर डॉक्टर एक बार फिर अपनी लंबित मांगों को लेकर एकजुट हो गये है. जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन बिहार ने प्रधान सचिव को पत्र लिख कर कहा है कि उनकी मांगें 22 सितंबर की रात तक नहीं पूरी हुई तो 23 की सुबह आठ बजे से वह सामूहिक रूप से हड़ताल पर चले जायेंगे. इसकी सारी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी.

एसोसिएशन के समन्वयक डॉ. रवि रंजन कुमार रमण ने कहा कि इस हड़ताल में सभी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर शामिल होंगे.साथ ही कार्य को प्रभावित करेंगे.जूनियर डॉक्टरों ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को भेजे गए हस्ताक्षर युक्त पत्र में कहा है कि 10 अप्रैल को मांगें पूरी करने आश्वासन दिया गया था. छह माह बाद भी स्थिति यथावत ह.सरकार हमारी मांगों की अनदेखी कर रही है.
एसोसिएशन ने पीजी उत्तीर्ण विद्यार्थियों को अस्पताल में बतौर सीनियर रेजिडेंट पदस्थापित करने, आइजीआइएमएस की तरह पीजी का स्टाइपेंड बढ़ा कर 80, 85 एवं 90 हजार करने, सीनियर रेजिडेंट की योग्यता उम्र सीमा 37 से बढ़ा कर 45 वर्ष करने, एमसीआइ के अनुसार एक वर्ष सीनियर रेजिडेंट के पद पर कार्य करने वाले डॉक्टर को सहायक प्राध्यापक के योग्य माना जाये, मेडिकल ऑफिसर की बहाली प्रतियोगिता के आधार पर हो, यूजी इंटर्न का स्टाइपेंड 15 हजार रुपये से बढ़ा कर 24 हजार करने समेत अन्य मांगों का उल्लेख किया है.
10 अप्रैल की वार्ता के बाद मांगें
पूरी न होने पर डॉक्टरों ने प्रधान सचिव को लिखा था पत्र
22 सितंबर तक लंबित मांगें पूरी करने का दिया था अल्टीमेटम

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