मीनापुर : वासुदेव छपड़ा गांव के केला व्यवसायी प्रगास भगत की मौत रहस्यमय बन गयी है. गुमशुदगी का सनहा काजीमहम्मदपुर थाना में दर्ज कर परिजन जिसको खोजने के लिए शहर की खाक छान रहे थे. उसके शव को मीनापुर पुलिस ने 18 दिन पहले ही लावारिश हालत में बरामद किया था. एक तरफ परिजन केला व्यवसायी को खोजने में बेचैन थे, तो वही पुलिस शव की शिनाख्त के लिए परेशान थी.
लेकिन अब परिजन के नसीब में मृतक का शव भी नहीं था. रविवार की देर शाम पुतला बना कर केले व्यवसायी के दाह संस्कार का रस्म पूरा किया गया. 18 दिन बाद वासुदेव छपड़ा निवासी केला व्यवसायी प्रगाश भगत का शव शनिवार को फोटो देखने के बाद परिजनों ने पहचान लिया.
कैसे हुई मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज
प्रगास भगत की मौत कैसे हुई. परिजनों को इसकी जानकारी अब तक नहीं हो पायी है. पुलिस ने भी शव का दाह संस्कार कर दिया. हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की गुत्थी सुलझने का दावा पुलिस कर रही है.
थाने की दीवाल पर चिपका था फोटो : शनिवार को मृतक के भतीजा वार्ड सदस्य धर्मेंद्र कुमार किसी काम से थाना गए थे. इस फोटो को दीवाल पर चिपका हुआ देखा तो चौंक गये. उन्होंने इसके बारे में थाना से विस्तृत जानकारी लेनी शुरू की. पता चला कि जमादार रामाशंकर चौधरी के पास घटनास्थल पर बरामद शव का फोटो है. उनसे संपर्क कर फोटो को गौर से देखने बाद पहचान कर पुष्टि कर दी.
सिकंदरपुर में किया गया था दाह संस्कार : रामाशंकर ने बताया कि पांच छह दिन शव को रखने के बाद लावारिस समझ कर सिकंदरपुर में दाह संस्कार कर दिया गया. रविवार को मृतक के पुत्र भोला प्रसाद ने थाना में रामाशंकर चौधरी के मोबाइल में फोटो पहचानने के बाद अज्ञात के खिलाफ लिखित आवेदन दिया.
मीनापुर में 18 दिन पहले मिला लावारिस शव केला व्यवसायी का
शव नहीं मिलने पर परिजनों ने पुतला बना किया दाह संस्कार
थाने में चिपकायी तस्वीर से परिजनों ने की पहचान
पुतला बनाकर परिजनों ने किया दाह संस्कार,कैसे हुई मौत परिजनों के लिए बनी पहेली
12 अगस्त से थे गायब
गोरीगामा व भावछपडा के बीच सड़क किनारे से मीनापुर पुलिस ने 13 अगस्त मंगलवार को 65 वर्षीय वृद्ध का शव बरामद किया था. उस समय शव की पहचान नहीं हो पाई थी. केला व्यवसायी काजीमोहम्मदपुर के कटही पुल से केला खरीदकर बेचा करता था. नया टोला सब्जी मंडी स्थित रघुनाथ साह के मकान में किराये का रूम लेकर रहते थे .
बीच में घर भी आते जाते थे. 16 अगस्त तक घर नहीं आये तो 17 अगस्त को उनके पुत्र भोला प्रसाद उनसे मिलने पहुंचे. मकान मालिक ने बताया था कि वह 12 अगस्त को हीं पत्नी का स्वास्थ्य खराब होने का कारण बता कर घर चले गए थे. नाते रिश्तेदार के यहां खोजबीन करने के बाद कुछ पता नहीं चलने पर उसके पुत्र भोला प्रसाद ने इसकी लिखित सूचना काजी मोहमदपुर थाना को दी थी.
