2017 में आयी बाढ़ से अभी नहीं उबरे थे किसान: कर्ज भी नहीं हुआ था चुकता, फिर हुए बर्बाद

मनोज मिश्र कांटी : बूढ़ी गंडक के बढ़ते जलस्तर से आम जनजीवन के साथ ही किसानों के सामने भी विकराल समस्या आ पड़ी है. प्रखंड क्षेत्र के रामनाथ धमौली पूर्वी पंचायत स्थित चंद्रभान वार्ड 13 में बाढ़ का विकराल रूप है. यह वार्ड चारों तरफ से पानी से घिर चुका है. जिनके घरों में पानी […]

मनोज मिश्र

कांटी : बूढ़ी गंडक के बढ़ते जलस्तर से आम जनजीवन के साथ ही किसानों के सामने भी विकराल समस्या आ पड़ी है. प्रखंड क्षेत्र के रामनाथ धमौली पूर्वी पंचायत स्थित चंद्रभान वार्ड 13 में बाढ़ का विकराल रूप है. यह वार्ड चारों तरफ से पानी से घिर चुका है. जिनके घरों में पानी घुस रहा है वे लोग अब पलायन कर रहे हैं. वार्ड के कई किसान अनिल सहनी, चंदेश्वर सहनी, अजय सहनी, रामू सहनी जैसे कई किसान प्रभावित हैं. ये किसान सालों से नेनुआ, कद्दू, परवल, मिर्ची आदि सब्जी की खेती कर अपने परिवार का भरण पोषण करते आ रहे हैं. ये लोग 2017 में आई भयानक बाढ़ से अभी संभल भी नहीं पाए थे.
महाजन का कर्ज ठीक से चुकता भी नहीं हो पाया था तब तक 2019 में भी इन लोगों की सब्जी की खेती बर्बाद हो गयी है. किसान रामू सहनी और उनकी पत्नी उर्मिला देवी छाती पीट-पीटकर अपनी बर्बादी की कहानी बयां करती है. उर्मिला देवी बिलखते हुए कह रही है कि इस साल भी महाजन से कर्ज लेकर खेती की थी. उसके बाद नीलगाय से परेशान होकर एक बार फिर महाजन से कर्ज लेकर चारों तरफ जाल से घेराबंदी की. लेकिन अब बाढ़ ने सबकुछ बर्बाद कर दिया. किसान रामू सहनी ने बताया कि वे तीन बच्चों के साथ अपने परिवार का भरण पोषण इसी सब्जी की खेती से करते हैं.
पैसा महाजन से सूद पर लिया था. अब पैसा चुकाने की चिंता सता रही है. अभी तक सब्जी बेच कर कुल 8 से 10 हजार रुपया ही आया है. अनिल सहनी ने बताया कि वे लगभग ढाई एकड़ में सब्जी की खेती करते हैं. खेती चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर चुका है. वे लोग गांव छोड़कर कहीं ऊंचे जगह पर पलायन की सोच रहे हैं.

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