मुजफ्फरपुर : बिहार के मुजफ्फरपुरमें एक मासूम के शव की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरलहोने के बाद चर्चा का विषय बना गया. लेकिन, इस मामले में चौकाने वाले खुलासे हुए हैं. मुजफ्फरपुर के डीएम आलोक रंजन घोष का कहना है कि शीतलपट्टी गांव में एक साथ तीन बच्चों की मौत का कारण न तो बाढ़ है और न ही यह कोई दुर्घटना है. डीएम का कहना है 16 जुलाई को पति से झगड़ा होने के बाद मां ने चारों बच्चों कोपहले नदीमेंधक्का देदियाऔर फिर खुद भी नदी में कूद गयी.हालांकि, महिला और उसकी एक 7 वर्षीय बच्चीकीजान बचगयीं,जबकि तीन बच्चों कीमौत हो गयी.
जानकारी के मुताबिक किसी बात को लेकर पति से झगड़ा होने के बाद महिलाने चारों बच्चों को पानी में डूबो दिया और फिर वह खुद आत्महत्या के इरादे से पानी में कूद गयी. हालांकि, मां और एक बच्ची की जान बच गयी. जबकि, तीन की मौत हो गयी. मृतक बच्चों की पहचान शीतलपट्टी गांव के शत्रुघ्न राम के बेटे अर्जुन, राजा और बेटी ज्योति के रूप में हुई है. मां रीना देवी और एक बेटी राधा की जान बच गयी.
एक चिता पर तीन बच्चों का हुआ अंतिम संस्कार
मीनापुर (मुजफ्फरपुर) : शीतलपट्टी गांव में एक ही चिता पर तीन बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया और दादी ने मुखाग्नि दी. एक ही चिता पर तीनों को लिटाया गया. पिता ने मुखाग्नि देने से इन्कार कर दिया. इसके बाद दादी शांति देवी ने अंतिम संस्कार की रस्म को पूरा किया.
